उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मत्स्य पालन मंत्री डॉ. संजय निषाद के एक विवादास्पद बयान ने सदन में भारी हंगामा खड़ा कर दिया. उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर सीधे तौर पर 'यादव' समुदाय और समाजवादी पार्टी को निशाने पर लिया. संजय निषाद ने सदन में कहा कि सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट के अनुसार, पिछड़ों को मिलने वाले 27% आरक्षण का बड़ा हिस्सा एक 'मिल्कमैन' खा गया है. उन्होंने यादव समुदाय को अन्य पिछड़ी जातियों का हक खाने वाला बताया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यादव भी अंग्रेजों के काले कानूनों से प्रभावित रहे हैं, जैसे निषाद समुदाय रहा है.
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एससी/एसटी एक्ट में केस की धमकी और माफी की मांग
उन्होंने विपक्ष के नेता से माफी की मांग की और चेतावनी दी कि अगर माफी नहीं मांगी गई, तो एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और धरना प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने निषाद समुदाय की तुलना SC समूह में आने वाली जाति से किए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि अंबेडकर ने इन जातियों को सम्मान दिया है, लेकिन विपक्षी दल इनका अपमान कर रहे हैं. संजय निषाद के इन बयानों के दौरान विपक्षी सदस्यों ने भारी शोर-शराबा किया. अधिष्ठाता (Chair) ने बार-बार मंत्री जी से बजट के मुख्य बिंदुओं पर बोलने और अपनी बात समाप्त करने का आग्रह किया.
चेयर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि बजट पर चर्चा चल रही है, इसलिए उसी पर ध्यान केंद्रित करें, लेकिन संजय निषाद अपनी बात पर अड़े रहे. उन्होंने सदन को याद दिलाया कि निषाद समुदाय ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अपना गला कटवाया, तब जाकर आज भारतीय लोग इस सदन में बैठे हैं.
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