बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन की सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी. मायावती ने सपा-बसपा गठबंधन की चर्चाओं को पूरी तरह से भ्रामक, झूठ और मनगढ़ंत करार दिया. उन्होंने मीडिया को "कटी पतंग" जैसी उड़ान न भरने की सलाह दी और कहा कि ऐसी खबरें केवल बसपा कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए फैलाई जा रही हैं.
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मायावती ने याद दिलाया कि उन्होंने 9 अक्टूबर 2025 को कांशीराम की पुण्यतिथि पर ही यह ऐलान कर दिया था कि बसपा अकेले अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेगी. उनके अनुसार, कांग्रेस, सपा और भाजपा जैसी पार्टियों की सोच अंबेडकर विरोधी है और इनके साथ गठबंधन करने से बसपा को केवल नुकसान ही होता है. मायावती ने संकेत दिया कि सपा के साथ उनका पिछला चुनावी अनुभव अच्छा नहीं रहा है, इसलिए अब भविष्य में ऐसी किसी संभावना के लिए कोई स्थान नहीं है.
वीडियो में बसपा की गिरती चुनावी साख का भी विश्लेषण किया गया है, जहाँ 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को केवल 1 सीट मिली और 2024 के लोकसभा चुनाव में भी खाता नहीं खुला. उन्होंने अंबेडकरवादियों और बसपा समर्थकों से अपील की कि वे विरोधियों के षड्यंत्रों में न फंसें और पूरी ताकत के साथ पार्टी के मिशनरी मूवमेंट को मजबूत करने में जुट जाएं.
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