Aaj ka UP:बिहार चुनाव में हुई वो भूल नहीं दोहराना चाहते हैं अखिलेश यादव, 2027 विधानसभा को लेकर बता दिया अपना प्लान

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के लिए फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं. बिहार चुनाव में आरजेडी की 'दबदबा' वाले गाने से हुई किरकिरी से सबक लेते हुए अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी है कि वे ऐसे नारों और गानों से दूर रहें.

यूपी तक

17 Feb 2026 (अपडेटेड: 17 Feb 2026, 08:54 AM)

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Aaj ka UP: बिहार चुनाव में राजद द्वारा हुई गलती को देखकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव इसे 2027 में दोहराने से बचना चाहते हैं. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक गाना दिखाकर अपने समर्थकों को संदेश दिया है कि बिहार इलेक्शन के समय वायरल हुए एक गाने 'दबदबा था, दबदबा है और दबदबा रहेगा जैसे गाने से बचना है.बता दें कि इस गाने को आरजेडी के लॉ एंड ऑर्डर से जोड़ा गया था. ऐसे में अब अखिलेश यादव ने पहले ही साफ कर दिया है कि इस प्रकार के गानों को पार्टी से जोड़ा न जाए. इस दौरान अखिलेश यादव ने भी साफ किया है कि किसी भी बाहरी गतिविधि का समाजवादी पार्टी से संबंध नहीं होगा. साथ ही उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे पार्टी की छवि बचाने के लिए सतर्क रहें.

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नसीमुद्दीन सिद्दीकी की सपा ज्वाइन करने के पीछे के सियासी मायने

वहीं नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली है और पार्टी की वफादार सेवा करने का भरोसा दिया है. राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार वे अपने बेटे को चुनाव में शामिल कराना चाहते हैं. साथ ही राज्यसभा की सीट को लेकर भी संभावनाएं बनी हैं. सिद्दीकी के आने से पार्टी को फंड मैनेजमेंट और मुस्लिम वोट बैंक में फायदा मिलने की उम्मीद है. समाजवादी पार्टी भी मुस्लिम वोटों में कोई परेशानी नहीं चाहती और गठबंधन की स्थिति को मजबूत करना चाहती है. अखिलेश यादव की यह रणनीति 2027 के चुनाव में साफ तौर पर दिख रही है जहां वे पार्टी को बाहरी विवादों से बचाकर एक मजबूत राजनीतिक छवि बनाना चाहते हैं. यह पूरी तैयारी पार्टी की राजनीतिक दूरदर्शिता को दर्शाती है ताकि भविष्य के चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके.