न कर्फ्यू है, न दंगा... फियर जोन से फेथ जोन में बदला यूपी: सीएम योगी

CM Yogi Vidhan Parishad Speech: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में कहा कि यूपी अब 'कर्फ्यू कल्चर' से बाहर आ गया है. 2017 के बाद एक भी दंगा नहीं हुआ. जानें टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन के यूपी मॉडल और सुरक्षा व्यवस्था के बड़े आंकड़े.

यूपी तक

• 08:34 AM • 17 Feb 2026

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर को लेकर विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है. सोमवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में सरकार की स्पष्ट नीति और निर्णायक नेतृत्व के कारण प्रदेश अब 'कर्फ्यू कल्चर' से बाहर निकलकर 'कानून के राज' और 'अविश्वास से आत्मविश्वास' की यात्रा पर निकल पड़ा है.

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"यूपी में सब चंगा है"

मुख्यमंत्री ने सदन में प्रभावी कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा, 'अब यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि यूपी में सब चंगा है.' उन्होंने बताया कि 2017 के बाद से प्रदेश में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है. मुख्यमंत्री के अनुसार, जो प्रदेश पहले 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया' की पहचान से झकझोर रहा था, आज वह विकास, निवेश और सुशासन का मॉडल बन चुका है.

टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन की त्रिवेणी

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज दुनिया के सामने "Technology, Trust and Transformation" के समन्वित मॉडल के रूप में उभरा है. 

  1. टेक्नोलॉजी: इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और एआई (AI) के क्षेत्र में प्रदेश कदम बढ़ा रहा है.
  2. ट्रस्ट: शासन की पारदर्शिता और सुदृढ़ कानून व्यवस्था से निवेशकों और जनता का भरोसा बढ़ा है.
  3. ट्रांसफॉर्मेशन: प्रदेश 'रेवेन्यू सरप्लस' राज्य बन गया है और 'बॉटलनेक' से निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का इंजन बन रहा है.

माफिया राज का अंत और 'जीरो टॉलरेंस'

विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे समानांतर सरकार चलाते थे. बेटियां और व्यापारी असुरक्षित थे. उन्होंने कहा कि कर्फ्यू कल्चर की जगह अब जीरो टॉलरेंस कल्चर ने ले ली है. फियर जोन अब फेथ जोन में बदल गया है.

सुरक्षा व्यवस्था के बड़े आंकड़े

  • पुलिस भर्ती: पिछले 8-9 वर्षों में 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई.
  • महिला सशक्तिकरण: पुलिस में महिलाओं की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44 हजार के पार पहुंची. 20% आरक्षण सुनिश्चित किया गया.
  • पीएसी का पुनरुद्धार: पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया और तीन महिला बटालियन (झलकारी बाई, अवंती बाई और ऊदा देवी) गठित की गईं.
  • स्मार्ट पुलिसिंग: 7 पुलिस कमिश्नरेट और आधुनिक फॉरेंसिक लैब का नेटवर्क तैयार किया गया है.

विरासत के साथ विकास: आस्था और अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मस्थल केवल आस्था के ही नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना के भी केंद्र हैं. उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम और महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा कि 'फेस्टिव और टेंपल टेक्नोलॉजी इकोनॉमी' तेजी से विकसित हो रही है. प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन सुरक्षा और सुशासन पर जनता के विश्वास का प्रमाण है. दीपोत्सव, देव दीपावली और रंगोत्सव अब उत्तर प्रदेश की वैश्विक पहचान बन चुके हैं. राज्यपाल के प्रति विपक्ष के व्यवहार की निंदा करते हुए सीएम ने कहा कि संवैधानिक प्रमुख का अपमान लोकतंत्र को कमजोर करता है. 

उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ विपक्ष संविधान की बात करता है और दूसरी तरफ राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का विरोध करता है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हिंदुस्तान में रहकर राष्ट्रगीत न गाना नहीं चलेगा, यह बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान है." मुख्यमंत्री ने अंत में जोर देकर कहा कि उनकी सरकार 'पंच प्रण' से प्रेरणा लेकर सशक्त भारत की आधारशिला के रूप में उत्तर प्रदेश को विकसित कर रही है, जहां विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम है.