बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती को दिल्ली में आवंटित आलीशान टाइप-8 (Type-8) सरकारी बंगले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बवाल मच गया है. विरोधियों के आरोपों पर मायावती ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है. आपको बता दें कि दिल्ली में मायावती को हाल ही में एक टाइप-8 बंगला अलॉट किया गया है. नियमतः किसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को टाइप-6 या 7 का बंगला मिलता है.
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समाजवादी पार्टी और अन्य विरोधियों ने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार मायावती पर इतनी मेहरबान क्यों है? क्या यह किसी अंदरूनी सांठगांठ का संकेत है? मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह बंगला उन्हें सुरक्षा खतरों के मद्देनजर अलॉट किया गया है. उन्होंने 1995 के 'गेस्ट हाउस कांड' का जिक्र करते हुए कहा कि तब से ही उन्हें विशेष उच्च सुरक्षा मिली हुई है और वर्तमान में उन पर खतरा और बढ़ गया है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार के समय भी उनके पास टाइप-8 बंगला (3 त्यागराज मार्ग) था, इसलिए इसे नई मेहरबानी कहना गलत है. मायावती ने इसे विरोधियों का षड्यंत्र करार दिया और कहा कि चुनाव नजदीक आते ही विरोधी दल 'साम-दाम-दंड-भेद' अपनाकर बसपा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने अपने समर्थकों (अंबेडकरवादियों) से अपील की कि वे ऐसे गुमराह करने वाले प्रचार से सावधान रहें और पार्टी पर भरोसा रखें.
मायावती के बंगले का इतिहास
मई 2024 में मायावती ने एक बंगला खाली किया था, क्योंकि पास के स्कूल से उन्हें दिक्कत थी. हाउसिंग मिनिस्ट्री ने नियमों का हवाला देकर उनसे बंगला खाली करवाया था, जिसके बाद अब उन्हें उनकी सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से यह नया टाइप-8 बंगला मिला है.
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