मुरादाबाद नगर विधानसभा 2027: क्या 700 वोटों की हार का बदला ले पाएगी सपा?

Moradabad Nagar Vidhan Sabha: मुरादाबाद शहर सीट पर क्या 2027 में भाजपा की हैट्रिक लगेगी या सपा करेगी वापसी? देखिए 700 वोटों के फासले और पीतल नगरी के नए सियासी समीकरणों पर खास रिपोर्ट.

रजत सिंह

• 11:32 AM • 19 Feb 2026

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मुरादाबाद शहर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की उन सीटों में से एक है जहां मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का रहता है. 2022 के चुनाव में यहां समाजवादी पार्टी (सपा) मात्र 700 वोटों से चुनाव हार गई थी. यूपी Tak के खास शो 'यूपी किसका' कार्यक्रम के तहत इस सीट के समीकरणों का विश्लेषण जानिए. वर्तमान में इस सीट से भाजपा के रितेश गुप्ता विधायक हैं. वे 2017 और 2022 में लगातार दो बार यहां से जीत चुके हैं. 

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2022 में जीत का अंतर बहुत कम (700 वोट) था, जिसे लेकर सपा धांधली का आरोप लगाती रही है, जबकि भाजपा इसे अपनी जमीनी तैयारी की जीत मानती है. 

जातीय और धार्मिक समीकरण

इस सीट पर कुल लगभग 5,24,000 मतदाता हैं. 
मुस्लिम मतदाता: लगभग 2,40,000 (यहां मुसलमानों की संख्या निर्णायक है). 
हिंदू मतदाता: लगभग 2,55,000. 
अन्य प्रमुख जातियां: सैनी (80,000), दलित (60,000), ब्राह्मण (40,000), वैश्य (30,000), और पंजाबी (15,000). 

इस सीट पर सपा और भाजपा की चुनौतियां

सपा की चुनौती: जब चुनाव 'हिंदू बनाम मुस्लिम' के ध्रुवीकरण में फंसता है, तो सपा को नुकसान होता है. इसके अलावा, ओवैसी (AIMIM) जैसे अन्य मुस्लिम उम्मीदवारों के आने से वोट बंटने का डर रहता है. 
भाजपा की चुनौती: भाजपा को तब दिक्कत होती है जब दलित वोट छिटकता है या बसपा (BSP) अपना वोट बैंक बढ़ाती है. 

2027 के लिए क्या है खास?

स्थानीय पत्रकारों के अनुसार, मुकाबला एक बार फिर भाजपा और सपा के बीच ही होगा. पीतल उद्योग से जुड़े स्थानीय मुद्दे और जनप्रतिनिधि की सक्रियता जीत-हार तय करेगी. चर्चा यह भी है कि क्या सपा इस बार किसी गैर-मुस्लिम या दलित चेहरे पर दांव लगाएगी ताकि समीकरण बदले जा सकें.