सपा के बागी विधायक अभय सिंह 14 अक्टूबर को बीजेपी में होंगे शामिल, अखिलेश यादव के PDA पर उठाए सवाल

यूपी तक

• 03:52 PM • 09 Oct 2026

Abhay Singh: समाजवादी पार्टी से अलग हुए गोसाईगंज के मौजूदा विधायक अभय सिंह अब आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले हैं. उन्होंने साफ कर दिया है कि 14 अक्टूबर को अमेठी के गौरीगंज में होने वाले कार्यक्रम में वह बीजेपी से जुड़ जाएंगे.

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Abhay Singh: समाजवादी पार्टी से अलग हुए और गोसाईगंज के मौजूदा विधायक अभय सिंह ने अब आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का मन बना लिया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि 14 अक्टूबर को अमेठी के गौरीगंज में होने वाले कार्यक्रम में वह जेपी से जुड़ जाएंगे. यूपी तक से खास बातचीत में अभय सिंह ने सपा के पीडीए के नारे पर सवाल उठाए और बीजेपी नेताओं की जमकर तारीफ की है.

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बीजेपी और राम की विचारधारा के साथ

गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह का कहना है कि वे अब पूरी तरह से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और बीजेपी की विचारधारा के साथ हैं. उन्होंने राम मंदिर के निर्माण के लिए बीजेपी द्वारा लड़ी गई लंबी लड़ाई की तारीफ की और कहा कि इसके लिए पूरा सनातन समाज उनका आभारी है. अभय सिंह ने बताया कि उनके पुराने दलों में राम मंदिर और विचारधारा को लेकर हमेशा मतभेद रहता था, इसलिए अब वे बीजेपी के साथ जुड़कर पूरी तरह संतुष्ट हैं.

सपा के पीडीए नारे को बताया फर्जी

समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे पर करारा हमला बोलते हुए अभय सिंह ने इसे पूरी तरह से फर्जी बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा में पीडीए के नाम पर सिर्फ पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों को बेवकूफ बनाकर वोट लिए जा रहे हैं. उन्होंने सपा के राज्यसभा सांसद धनराज नथवानी का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी सिर्फ अपने फायदे के लिए उद्योगपतियों को आगे बढ़ा रही है. अभय सिंह ने सपा पर परिवारवाद और व्यापारवाद की राजनीति करने का सीधा आरोप लगाया है.

गोसाईगंज से ही चुनाव लड़ने का दावा

2027 के विधानसभा चुनाव के बारे में बात करते हुए अभय सिंह ने साफ कहा कि उनकी कर्मभूमि हमेशा से गोसाईगंज ही रही है और वे पिछले 15 सालों से वहां के लोगों की सेवा कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने बीकापुर सीट से चुनाव लड़ने की बातों को सिरे से नकार दिया और कहा कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं सोचा. उनका कहना है कि वे गोसाईगंज से ही चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन इसका आखिरी फैसला बीजेपी के बड़े नेता ही करेंगे.