UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. राज्यसभा चुनाव 2024 के दौरान समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा के पक्ष में वोट देने वाले तीन विधायक अब आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं. ये विधायक गौरीगंज, गोसाईगंज और कालपी से हैं. इन विधायकों के भाजपा में जाने से सपा को बहुत बड़ा झटका लगने वाला है.
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14 अक्टूबर को भाजपा में शामिल
समाजवादी पार्टी के इन तीनों बागी विधायकों की भाजपा में एंट्री 14 अक्टूबर को होने जा रही है. इनको पार्टी में शामिल करने का यह कार्यक्रम अमेठी में आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में भाजपा के कई बड़े और वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे. ये तीनों विधायक पहले से ही भाजपा के संपर्क में थे और हाल ही में इन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी.
राज्यसभा चुनाव में की क्रॉस वोटिंग
इन विधायकों में गौरीगंज से लगातार तीसरी बार जीतने वाले राकेश प्रताप सिंह शामिल हैं, जिन्होंने 2022 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को हराया था. इनके अलावा अयोध्या के गोसाईगंज से अभय सिंह और जालौन के कालपी से विनोद चतुर्वेदी भी शामिल हैं, जो तीन बार विधायक रह चुके हैं. इन सभी ने राज्यसभा चुनाव में अपनी पार्टी सपा के बजाय भाजपा को वोट दिया था, जिससे अखिलेश यादव को भारी झटका लगा था.
सपा के लिए 2027 में चुनौती
भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद इन तीनों विधायकों को नई जिम्मेदारियां मिलने की पूरी संभावना है. इन नेताओं के भाजपा में जाने से आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है. इस बड़े झटके के बाद अब सपा को अपनी चुनावी रणनीति में भी बदलाव लाने की सख्त जरूरत महसूस हो रही है.
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