PM मोदी के साथ गोपी कृष्ण पांडे ने देखी थी फिल्म, अब उन्हें राज्यसभा भेज रही बीजेपी!

यूपी तक

• 01:20 PM • 06 Oct 2026

गोपी कृष्ण पांडे ने संघ और भाजपा में अपनी लंबी यात्रा और राज्यसभा उम्मीदवार बनना साझा किया. वे कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा हैं.

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी कर सुर्खियों से दूर रहने वाले और लंबे समय से संगठन में समर्पित कार्यकर्ता गोपी कृष्ण पांडे को मैदान में उतारा है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से 49 वर्षों से जुड़े कानपुर निवासी गोपी कृष्ण पांडे का नाम सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. गोपी कृष्ण पांडे का वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 32 साल पुराना और गहरा संबंध रहा है.लगभग 25 वर्ष पहले, जब नरेंद्र मोदी पार्टी और संघ के साधारण कार्यकर्ता के रूप में प्रवास पर थे, तब वे कानपुर में गोपी कृष्ण पांडे के इसी घर पर रुके थे. पीएम मोदी की सादगी और कार्यशैली से प्रेरित होकर गोपी जी ने अपना चलता हुआ बड़ा व्यापार तक छोड़ दिया था और खुद को पूरी तरह संगठन सेवा में समर्पित कर दिया था.

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टीवी पर न्यूज देखकर मिली प्रत्याशी बनने की जानकारी

गोपी कृष्ण पांडे ने राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के क्षण को याद करते हुए बताया कि उन्हें इस बात की पूर्व सूचना नहीं थी. वे अपने घर पर टीवी देख रहे थे, तभी किसी शुभचिंतक का फोन आया और उन्होंने टीवी पर नीचे चल रही ब्रेकिंग न्यूज देखने को कहा. जब उन्होंने अपना नाम और तस्वीर देखी तो उन्हें सुखद अनुभूति हुई. उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि भाजपा के उस कल्चर का सम्मान है जो एक साधारण कार्यकर्ता को भी शीर्ष स्थान तक पहुंचा सकता है.

49 वर्षों का संघ सफर और 'वन बूथ 10 यूथ' का चर्चित नारा

गोपी कृष्ण पांडे की सांगठनिक यात्रा बेहद संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रही है.

दक्षिण भारत में विस्तारक: वे पिछले 49 वर्षों से संघ के स्वयंसेवक हैं. संघ के निर्देश पर उन्होंने दक्षिण भारत के रायलसीमा क्षेत्र में विस्तारक के रूप में कार्य किया.

युवा मोर्चा और हिंदू जागरण मंच: उत्तर प्रदेश लौटने के बाद उन्होंने हिंदू जागरण मंच में कार्य किया. बाद में तत्कालीन संघ नेता अशोक सिंघल की सिफारिश पर उन्हें भाजपा युवा मोर्चा का उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया.

ऐतिहासिक पहल: उन्होंने ही प्रदेश में "वन बूथ 10 यूथ" (One Booth 10 Youth) का चर्चित नारा दिया था और गांव-गांव जाकर युवाओं को जोड़ा. तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष राजनाथ सिंह के कार्यकाल में युवाओं को संगठित कर ऐतिहासिक रैलियां और रक्तदान शिविर आयोजित कराए थे.

25 साल पहले घर पर रुके थे पीएम मोदी, प्रेरणा में बंद कर दिया व्यापार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने पुराने संस्मरणों को साझा करते हुए गोपी कृष्ण पांडे ने बताया.

सादगी भरा प्रवास: लगभग 25 साल पहले नरेंद्र मोदी संगठन के काम से कानपुर आए थे और उनके घर पर ही ठहरे थे. संघ की कार्यपद्धति के अनुसार उन्होंने घर पर भोजन किया, विश्राम किया और साथ में मूवी भी देखी थी.

व्यापार का त्याग: नरेंद्र मोदी की कार्यशैली, सादगी और समर्पण से वे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपना स्थापित व्यापार पूरी तरह से छोड़ दिया. उन्होंने बताया कि उनके मकान के अंडरग्राउंड गोदाम में आज भी 5 ट्रक माल भरा पड़ा है और ताला बंद है, क्योंकि उन्होंने तय कर लिया था कि वे अपना पूरा जीवन देश और पार्टी के लिए समर्पित करेंगे.

कानपुर के विकास और 'ब्राह्मण समीकरण' पर बेबाक राय

कानपुर को मिला दोहरा प्रतिनिधित्व: गोपी कृष्ण पांडे ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने कानपुर को लोकसभा और राज्यसभा दोनों से सांसद दिए हैं. इससे शहर के रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलेगी और वे सदन में कानपुर की आवाज मजबूती से उठाएंगे.

कार्यकर्ता का सम्मान, न कि जातीय गणित: ब्राह्मण समाज को साधने के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि उन्हें किसी जातीय समीकरण के तहत नहीं बल्कि एक निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में यह जिम्मेदारी दी गई है. उन्होंने दावा किया कि "ब्राह्मण समाज भाजपा के साथ था, है और रहेगा." पार्टी के इस फैसले से कार्यकर्ताओं में यह संदेश गया है कि भाजपा में एक छोटा कार्यकर्ता भी राज्यसभा पहुंच सकता है.