समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा की दो सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम साफ कर दिए हैं. रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी पर्चा भी दाखिल कर चुके हैं, लेकिन पार्टी की तीसरी सीट को लेकर अब भी सस्पेंस बना हुआ है. सबसे ज्यादा चर्चा सपा के मुस्लिम चेहरे सलीम शेरवानी के नाम की है.
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सलीम शेरवानी को लेकर चर्चा पहले दिन से चल रही थी. माना जा रहा था कि रामगोपाल यादव के साथ सपा उन्हें राज्यसभा भेज सकती है, लेकिन धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद तस्वीर थोड़ी बदल गई. अब सवाल है कि तीसरी सीट के लिए अखिलेश यादव किस नाम पर मुहर लगाएंगे?
सलीम शेरवानी के नाम पर क्यों टिकी नजर?
सपा सूत्रों के मुताबिक, तीसरे उम्मीदवार के तौर पर सलीम शेरवानी का नाम अभी भी सबसे आगे है. सूत्रों का कहना है कि अखिलेश यादव ने पिछले चुनाव के समय ही शेरवानी को उम्मीदवार बनाने का आश्वासन दिया था.
एक दिन पहले सलीम शेरवानी ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्हें उम्मीदवार बनाने का आश्वासन मिला है. मंगलवार सुबह उन्होंने अखिलेश यादव से मुलाकात भी की. हालांकि, धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया के चलते शेरवानी के नाम का ऐलान फिलहाल टल गया.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव ने 3 अक्टूबर को उनके नाम पर अंतिम फैसला लेने की बात कही है. उन्हें बताया गया है कि 2 अक्टूबर के बाद इस पर फैसला होगा.
आलोक रंजन का नाम अब बाहर?
तीसरे उम्मीदवार को लेकर एक और बात साफ मानी जा रही है. आलोक रंजन अब सपा के उम्मीदवार नहीं होंगे. पार्टी तीसरी सीट के लिए मुस्लिम चेहरे पर दांव लगाने की तैयारी में है और इसमें सलीम शेरवानी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है.
अगर सलीम शेरवानी को उम्मीदवार बनाया जाता है तो सपा को दूसरे दलों के मुस्लिम विधायकों से समर्थन जुटाने में भी आसानी हो सकती है. आरएलडी के दो मुस्लिम विधायक हैं. इसके अलावा ओमप्रकाश राजभर के साथ अब्बास अंसारी विधायक हैं. रामपुर से अपना दल (एस) का भी मुस्लिम विधायक है. सपा की नजर इन विधायकों के समर्थन पर भी हो सकती है.
मुस्लिम चेहरा उतारकर PDA का संदेश?
सलीम शेरवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने से सपा के PDA समीकरण को भी साधने की कोशिश मानी जा सकती है. पार्टी के दो उम्मीदवारों में एक पिछड़ा चेहरा धनराज नथवानी हैं, जबकि तीसरी सीट पर मुस्लिम चेहरे को मौका मिलने की स्थिति में सपा अपने सामाजिक समीकरण को भी सामने रख सकती है.
हालांकि, धनराज नथवानी के नाम के ऐलान के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने सपा पर निशाना साधा था. AIMIM की प्रवक्ता शादाब चौहान ने आरोप लगाया कि भाजपा को हराने के नाम पर मुसलमानों का वोट लिया जाता है, लेकिन उम्मीदवार बनाने की बारी आने पर भाजपा के परिवार को राज्यसभा की सीट दी जाती है.
3 अक्टूबर को खुलेगा तीसरी सीट का राज
फिलहाल सपा की तीसरी राज्यसभा सीट पर सस्पेंस बरकरार है. सलीम शेरवानी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है और पार्टी सूत्र भी उनके नाम की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला अखिलेश यादव को करना है.
अगर 2 अक्टूबर के बाद पार्टी की रणनीति में कोई बदलाव नहीं हुआ तो 3 अक्टूबर को सलीम शेरवानी के नाम का ऐलान हो सकता है. हालांकि, अखिलेश यादव के सरप्राइज उम्मीदवार देने के पिछले फैसले को देखते हुए तीसरी सीट पर आखिरी वक्त तक किसी नए नाम की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
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