Ex- IAS दिव्या मित्तल की फोटो राजा भैया संग पोस्टर में आई नजर, इस एक ट्वीट ने खड़े किए कई सवाल!

आशीष श्रीवास्तव

30 Sep 2026 (अपडेटेड: 30 Sep 2026, 12:21 PM)

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल की नई राजनीतिक पारी को लेकर चर्चा तेज है. प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आने का ऐलान कर चुकीं दिव्या मित्तल की कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के साथ तस्वीर सामने आई है.

Ex- IAS Officer Divya Mittal

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Divya Mittal and Raja Bhaiya Poster Photo: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल की नई राजनीतिक पारी को लेकर चर्चा तेज है. प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आने का ऐलान कर चुकीं दिव्या मित्तल की कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के साथ तस्वीर सामने आई है. जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रदेश प्रधान महासचिव डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए दिव्या मित्तल के राजनीतिक सफर पर सवाल उठाया है. उन्होंने IAS के अनुभव और राजा भैया की जमीनी पकड़ को जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई दिशा की संभावना का जिक्र किया.

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राजावत ने ट्वीट में क्या लिखा

डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने सोशल मीडिया पर दिव्या मित्तल की नई राजनीतिक पारी का स्वागत किया. उन्होंने लिखा, 'क्या उत्तर प्रदेश में राजनीति का एक नया अध्याय शुरू होगा?' इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'राजनीति के कुरुक्षेत्र में दिव्या मित्तल का स्वागत है.' राजावत ने IAS के अनुभव और राजा भैया की जमीनी पकड़ को एक साथ रखते हुए सवाल किया कि क्या यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई दिशा की शुरुआत कर सकता है. पोस्ट के बाद दिव्या मित्तल के राजनीतिक भविष्य को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई.

राजा भैया के साथ तस्वीर से बढ़ी चर्चा

दिव्या मित्तल की राजा भैया के साथ तस्वीर सामने आने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हुई हैं. तस्वीर को जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के वरिष्ठ नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने साझा किया है. हालांकि, दिव्या मित्तल पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जाएंगी. ऐसे में उनके राजनीतिक सफर को लेकर सामने आ रही चर्चाओं में उनकी अपनी कही बात भी अहम है.

यूपी से ही शुरू करेंगी राजनीतिक सफर

दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से अलग होने के बाद राजनीति में आने की घोषणा की है और अपनी राजनीतिक यात्रा के लिए उत्तर प्रदेश को चुना है. उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश उनके लिए केवल एक कार्यस्थल नहीं रहा. उनके अनुसार, यहां के लोगों ने उन्हें परिवार का हिस्सा माना और बेटी की तरह अपनाया. इसी वजह से वह अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भी उत्तर प्रदेश से करना चाहती हैं.

बोलीं- यूपी ने कई बार देश को दिशा दी

दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश के इतिहास और सामाजिक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रदेश ने कई मौकों पर देश को दिशा दी है. उन्होंने लोगों से किसी एक व्यक्ति को मसीहा मानकर इंतजार करने के बजाय खुद बदलाव की शुरुआत करने की बात कही. उन्होंने कहा, 'समाज में बदलाव तभी आएगा जब लोग खुद आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे.' इसी सोच को वह अपनी राजनीतिक यात्रा से जोड़कर देख रही हैं.

कहा- राजनीति पद तक पहुंचने का जरिया नहीं

राजनीति में आने के उद्देश्य पर दिव्या मित्तल ने कहा कि राजनीति उनके लिए किसी पद तक पहुंचने का माध्यम नहीं होगी. उन्होंने कहा, 'मुझे आवाज बनना है.' उनके मुताबिक वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी समस्याएं सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पातीं और अगर पहुंचती भी हैं तो कई बार उनकी सुनवाई नहीं होती. उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश में कई बुनियादी समस्याएं मौजूद हैं और वह इन समस्याओं का जवाब चाहती हैं.

मिर्जापुर की महिला ने रखी थी अलग मांग

दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक अनुभव का एक किस्सा मिर्जापुर के लहुरियादह इलाके से जुड़ा बताया. उनके मुताबिक, वह पहाड़ी इलाके में पानी पहुंचाने के काम का निरीक्षण कर रही थीं. इसी दौरान एक महिला उनके पास अपनी समस्या लेकर पहुंची. दिव्या मित्तल को उम्मीद थी कि वह पेंशन, आवास या पानी जैसी किसी सुविधा की मांग करेगी, लेकिन महिला ने गांव में स्कूल की अगली कक्षा शुरू कराने की मांग रखी. महिला ने बताया कि गांव में स्कूल केवल पांचवीं कक्षा तक है और उसके बाद बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में परेशानी होती है.

मंजूरी के बाद भी तीन साल से निर्माण अटका

दिव्या मित्तल के अनुसार उन्होंने स्कूल से जुड़े नियमों और मंजूरी की प्रक्रिया को देखा. उनके मुताबिक स्कूल को मंजूरी भी मिल गई, लेकिन तीन साल बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो सका. उन्होंने इस अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, 'कई बार समस्या संसाधनों की नहीं बल्कि इरादे की होती है.' इसी तरह की समस्याओं को लेकर दिव्या मित्तल राजनीति में अपनी भूमिका देख रही हैं. वहीं, राजा भैया के साथ उनकी तस्वीर और राजावत के ट्वीट ने उनके राजनीतिक सफर को लेकर चर्चा को नया आधार दिया है.

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