कौन हैं BJP के मंत्री राकेश सचान? अखिलेश के साथ तस्वीर के बाद चर्चा में... क्या विभाग छिनने से हैं नाराज?

आयशा शेख़

• 03:58 PM • 30 Sep 2026

राकेश सचान की अखिलेश यादव के साथ सामने आई तस्वीर ने उनके लंबे राजनीतिक सफर को फिर चर्चा में ला दिया है. भोगनीपुर से बीजेपी विधायक और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने राजनीति की शुरुआत समाजवादी पार्टी से की थी. आइए उनके राजनीतिक सफर के बारे में जानते हैं...

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में राकेश सचान का नाम नया नहीं है. कानपुर देहात के भोगनीपुर से बीजेपी विधायक राकेश सचान इस समय योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, लेकिन 30 सितंबर 2026 को उनकी एक तस्वीर ने उन्हें अचानक फिर चर्चा में ला दिया. 

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सपा के राज्यसभा उम्मीदवार रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी नामांकन के लिए पहुंचे तो अखिलेश यादव के साथ राकेश सचान की तस्वीर भी सामने आई. तस्वीर सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि बीजेपी के विधायक और योगी सरकार के मंत्री राकेश सचान सपा उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान वहां क्यों मौजूद थे. 

राज्यसभा चुनाव को लेकर यूपी में पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं. हालांकि, सिर्फ तस्वीर के आधार पर उनके राजनीतिक रुख या वोट को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, लेकिन इस तस्वीर ने राकेश सचान के पुराने सियासी सफर को फिर चर्चा में ला दिया है. आखिर कौन हैं राकेश सचान, जिनकी राजनीति का सफर विधानसभा से लोकसभा और फिर योगी सरकार के कैबिनेट तक पहुंचा? आइए जानते हैं...

कानपुर से शुरू हुई राजनीति, भोगनीपुर बना सियासी आधार

राकेश सचान का संबंध कानपुर क्षेत्र से है. वह भोगनीपुर विधानसभा सीट से बीजेपी के मौजूदा विधायक हैं. उपलब्ध चुनावी प्रोफाइल के मुताबिक वह कुर्मी समाज से आते हैं और उनकी शैक्षिक योग्यता स्नातकोत्तर है. उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से 1985 में हिंदी में एमए किया था.

उनकी राजनीति लंबे समय से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति से जुड़ी रही है. उपलब्ध चुनावी प्रोफाइल में उनके विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड दर्ज है. वह अलग-अलग समय में विधानसभा के सदस्य रहे और बाद में लोकसभा भी पहुंचे.

1993 में पहली बार विधायक बने, सपा से शुरू हुआ सफर

राकेश सचान की सक्रिय राजनीति का बड़ा हिस्सा समाजवादी पार्टी के साथ रहा है. वे 1993 से 1996 तक घाटमपुर विधानसभा सीट से विधायक रहे. इसके बाद 2002 से 2007 तक फिर घाटमपुर से विधायक चुने गए. विधानसभा की राजनीति में उनकी शुरुआती पहचान सपा नेता के तौर पर बनी.

घाटमपुर से दो बार विधायक रहने के बाद उनकी राजनीति का दायरा विधानसभा से आगे बढ़ा. 2009 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने उन्हें फतेहपुर सीट से उम्मीदवार बनाया. राकेश सचान ने चुनाव जीता... लोकसभा पहुंच गए... चुनावी रिकॉर्ड में 2009 के फतेहपुर लोकसभा चुनाव में उन्हें सपा उम्मीदवार और विजेता के तौर पर दर्ज किया गया है.

2009 में सपा के टिकट पर बने सांसद

2009 से 2014 तक राकेश सचान फतेहपुर से सांसद रहे. 2014 में उन्होंने इसी सीट से दोबारा चुनाव लड़ा, लेकिन इस बार उन्हें जीत नहीं मिली. इसके बाद उनकी राजनीतिक राह बदली.

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राकेश सचान ने कांग्रेस का दामन थाम लिया. वह कांग्रेस के टिकट पर फतेहपुर लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन चुनाव हार गए. 

2019 में कांग्रेस, फिर 2022 में बीजेपी

राकेश सचान का कांग्रेस में सफर ज्यादा लंबा नहीं चला. जनवरी 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. इसके बाद बीजेपी ने उन्हें कानपुर देहात की भोगनीपुर विधानसभा सीट से मैदान में उतारा. 

2022 के विधानसभा चुनाव में राकेश सचान ने भोगनीपुर से बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज की. चुनाव जीतने के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया. 

पिछले दिनों राकेश सचान से वापस लिया गया था बड़ा विभाग

राकेश सचान को लेकर चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि इसी साल हुए योगी सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार के बाद उनके विभागों में बदलाव किया गया था. नए मंत्रियों को विभाग बांटे जाने के बाद राकेश सचान से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग वापस ले लिया गया था.

अखिलेश के साथ तस्वीर ने क्यों बढ़ाई दिलचस्पी?

राज्यसभा चुनाव के लिहाज से राकेश सचान और अखिलेश की तस्वीर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यूपी में इस समय विधायकों के समर्थन और वोटों के गणित को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं. सपा ने फिलहाल दो उम्मीदवारों के नामांकन कराए हैं और चुनाव को लेकर अलग-अलग दलों के बीच बयानबाजी भी चल रही है.

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