बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक रहे उमाशंकर सिंह के निधन के बाद अब उनके बेटे प्रिंस युकेश सिंह चर्चा में हैं. बसपा प्रमुख मायावती ने भी संकेत दिया है कि अगर परिवार और क्षेत्र की जनता चाहेगी तो युकेश सिंह को राजनीति में आगे बढ़ाया जाएगा.
ADVERTISEMENT
उमाशंकर सिंह के निधन के बाद मायावती ने दिया बड़ा बयान
लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे उमाशंकर सिंह का बुद्धवार को निधन हो गया था. उमाशंकर के निधन के बाद बलिया के उनके पैतृक गांव खनवर में लोगों का तांता लगा हुआ है. स्थानीय लोग उन्हें अपने दिलों में बसने वाला नेता बता रहे हैं.
बता दें कि आज यानी गुरुवार को बसपा प्रमुख मायावती उनके लखनऊ स्थित आवास पर श्रद्धांजलि देने पहुंचीं. श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "अगर परिवार और क्षेत्र की जनता चाहेगी तो वह उमाशंकर सिंह के बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाएंगी और उनके स्थान पर पूरा मौका देंगी." मायावती के इस बयान के बाद युकेश सिंह को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है.
कौन हैं प्रिंस युकेश सिंह?
बताया जा रहा है कि प्रिंस युकेश सिंह ने विदेश से पढ़ाई की है और एमबीए किया है. प्रिंस युकेश सिंह की उम्र करीब 28 वर्ष है. वर्तमान में वह क्षात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के सीईओ हैं. प्रिंस युकेश सिंह की शादी साल 2024 में बीजेपी नेता और मंत्री दिनेश प्रताप सिंह की बेटी कनिका सिंह से हुई थी.
पिता ने शुरू कर दी थी राजनीतिक तैयारी
बताया जा रहा है कि जब उमाशंकर सिंह को अपनी बिगड़ती सेहत का एहसास हुआ, तब उन्होंने अपने बेटे प्रिंस युकेश सिंह को राजनीति में आगे लाने की तैयारी शुरू कर दी थी. इसके लिए वह उन्हें अपने साथ गांव-गांव और जनता के बीच लेकर जाने लगे थे. अब यह देखना होगा कि अगर राजनीति में मौका मिलता है, तो वह अपने पिता उमाशंकर सिंह के पदचिह्नों पर कितना आगे बढ़ पाते हैं.
उमाशंकर सिंह के बारे में जानिए
उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के खनवर गांव में हुआ था. उनके पिता घुरहू सिंह एक भूतपूर्व सैनिक थे. इंटरमीडिएट तक की शिक्षा प्राप्त करने वाले उमाशंकर सिंह ने समाज सेवा और व्यापार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई.वे 'छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी' और 'छात्र शक्ति सेवा संस्थान' से जुड़कर सामाजिक कार्यों में हमेशा सक्रिय रहे.
लगाई रसड़ा से जीत की हैट्रिक
उमाशंकर सिंह की राजनीतिक यात्रा बेहद शानदार रही. वे बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए.
2012: पहली बार 16वीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए.
2017: दूसरी बार 17वीं विधानसभा के लिए चुने गए.
2022: 18वीं विधानसभा चुनाव में जब बसपा को पूरे प्रदेश में भारी झटके का सामना करना पड़ा, तब भी उमाशंकर सिंह ने रसड़ा से अपनी सीट बचाकर जीत दर्ज की और विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक बने.
निजी जीवन और परिवार
उमाशंकर सिंह का विवाह पुष्पा सिंह के साथ हुआ था. उनके परिवार में एक बेटे के अलावा एक बेटी है. वे अपने पीछे बलिया के ग्राम खनवर नवादा का पैतृक आवास और लखनऊ के गोमती नगर स्थित आवास में भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं.
राजनीति के साथ-साथ उमाशंकर सिंह उद्योग और निर्माण क्षेत्र से भी जुड़े रहे.अपनी व्यावसायिक व्यस्तताओं के सिलसिले में उन्होंने जर्मनी और सिंगापुर जैसे देशों की यात्राएं भी कीं. समाज सेवा, अध्ययन और आम जनता से संवाद बनाए रखना उनकी विशेष अभिरुचियों में शामिल था.
ADVERTISEMENT











