बलिया के रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद पार्टी सुप्रीमो मायावती लखनऊ में उनके आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंची. इस दौरान वह काफी इमोशनल नजर आईं. बता दें कि उमाशंकर सिंह का निधन बुधवार देर रात गुरूग्राम के फोर्टिंस हॉस्पिटल में हुआ. वे लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. इस दुख की घड़ी में मायावती ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं दीं. इस दौरान मीडिया से बातचीत में बसपा सुप्रीमो ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगर परिवार और क्षेत्र की जनता चाहेगी तो वह उमाशंकर सिंह के बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाएंगी और उनके स्थान पर पूरा मौका देंगी.
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इमोशनल होकर मायावती ने कही ये बातें
मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह के निधन की सूचना मिलते ही उन्हें गहरा दुख पहुंचा. उन्होंने कहा 'उमाशंकर सिंह मुझे अपनी बहन मानते थे. जब वह काफी बीमार थे तब भी मुझसे मिलने आए थे. जब से वह बसपा में शामिल हुए उन्होंने हमेशा पूरी ईमानदारी और वफादारी के साथ काम किया. उन्होंने पार्टी के साथ-साथ समाज और अपने क्षेत्र की जनता का हमेशा ध्यान रखा.'
बसपा प्रमुख ने भावुक होते हुए उमाशंकर सिंह की निष्ठा को याद किया और कहा 'वह एक बड़े व्यापारी थे. अक्सर देखा जाता है कि सत्ता परिवर्तन के वक्त लोग पाला बदल लेते हैं. लेकिन कई उतार-चढ़ाव आने और सब कुछ छोड़कर चले जाने के बावजूद उन्होंने कभी पार्टी को धोखा नहीं दिया. वह अंत तक पूरी ईमानदारी से पार्टी के साथ बने रहे.' मायावती ने आगे कहा कि वह हर साल उमाशंकर सिंह को राखी बांधती थीं.'
इस दौरान उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए ये भी कहा कि 'अगर उनके क्षेत्र के लोग और उनका परिवार चाहेगा कि उनके बेटे को आगे लाया जाए तो मैं उनका पूरा साथ दूंगी और उन्हें उनके पिता के स्थान पर राजनीति में पूरा अवसर प्रदान करूंगी.'
राजनीति में एक्टिव थे उमाशंकर सिंह
उमाशंकर सिंह की राजनीतिक यात्रा बेहद शानदार रही. वे बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए. साल 2012में पहली बार 16वीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए.2017 में दूसरी बार 17वीं विधानसभा के लिए चुने गए. फिर 2022 के 18वीं विधानसभा चुनाव में जब बसपा को पूरे प्रदेश में भारी झटके का सामना करना पड़ा तब भी उमाशंकर सिंह ने रसड़ा से अपनी सीट बचाकर जीत दर्ज की और विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक बने.
रसड़ा में समर्थकों की लगी भीड़
रसड़ा विधानसभा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है. क्षेत्र के लोग उन्हें गरीबों का सच्चा हितैषी और जनसेवा के लिए समर्पित नेता बता रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि उमाशंकर सिंह बेहद सरल, मिलनसार और मददगार स्वभाव के व्यक्ति थे जिनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी. उनके निधन से रसड़ा विधानसभा ने अपना एक लोकप्रिय और जनप्रिय जनप्रतिनिधि खो दिया है.
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