उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा सीट से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया है. उन्होंने बुधवार देर रात दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली. वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे. बीमारी के बावजूद वह राजनीति और जनसेवा में लगातार सक्रिय थे. वर्तमान विधानसभा में वह बसपा के इकलौते विधायक थे और बसपा प्रमुख मायावती के बेहद करीबी माने जाते थे. उनके निधन से प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है.उमाशंकर सिंह के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए श्रद्धांजलि दी है.
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सीएम योगी ने अपने पोस्ट में ये लिखा
एक्स पोस्ट करते हुए सीएम योगी ने लिखा 'जनपद बलिया के रसड़ा विधान सभा क्षेत्र से माननीय विधायक श्री उमाशंकर सिंह जी का निधन अत्यंत दु:खद है. विनम्र श्रद्धांजलि. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें.ॐ शांति.'
मायावती ने भी किया इमोशनल पोस्ट
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा 'बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के कर्मठ, ईमानदार व पूरी तरह से वफादार बलिया की रसड़ा सीट से लोकप्रिय विधायक श्री उमाशंकर सिंह की आज शाम लम्बी बीमारी की वजह से इलाज के दौरान देहान्त हो जाने की ख़बर अति-दुखद. उनके परिवार तथा उनके सभी चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदना. पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा की जितनी भी तारीफ की जाये वह कम है. उनका पूरा परिवार बी.एस.पी. परिवार की तरह है तथा उनके परिवार के सभी लोग मुझे बड़ी बहन की तरह ही पूरा आदर-सम्मान देते हैं. उनके पुत्र से लगातार सम्पर्क बने रहने के दौरान ही आज शाम उनके देहान्त की खबर उनके पुत्र से ही मिली. इस दुख की घड़ी में मैं व पूरी पार्टी उनके व उनके परिवार के साथ है तथा उन्हें किसी भी प्रकार से हिम्मत नहीं हारना है बल्कि इस परिस्थिति का सामना करते हुये आगे बढ़ना है. कुदरत उन सभी लोगों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे.'
अखिलेश यादव नें भी जताया दुख
कौन थे उमाशंकर सिंह?
उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के खनवर गांव में हुआ था. उनके पिता घुरहू सिंह एक भूतपूर्व सैनिक थे. इंटरमीडिएट तक की शिक्षा प्राप्त करने वाले उमाशंकर सिंह ने समाज सेवा और व्यापार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई.वे 'छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी' और 'छात्र शक्ति सेवा संस्थान' से जुड़कर सामाजिक कार्यों में हमेशा सक्रिय रहे.
उमाशंकर सिंह की राजनीतिक यात्रा बेहद शानदार रही. वे बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए. साल 2012में पहली बार 16वीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए.2017 में दूसरी बार 17वीं विधानसभा के लिए चुने गए. फिर 2022 के 18वीं विधानसभा चुनाव में जब बसपा को पूरे प्रदेश में भारी झटके का सामना करना पड़ा तब भी उमाशंकर सिंह ने रसड़ा से अपनी सीट बचाकर जीत दर्ज की और विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक बने.
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