यूपी की सबसे चर्चित सीट अयोध्या पर अखिलेश यादव ने सपा के 'ब्राह्मण चेहरे' पवन पांडेय को बनाया अपना प्रत्याशी

मयंक शुक्ला

• 11:12 AM • 06 Aug 2026

समाजवादी पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बड़ा दांव खेलते हुए अयोध्या सीट से पूर्व मंत्री पवन पांडेय को प्रत्याशी घोषित किया है. जानिए उनका राजनीतिक सफर, छात्र राजनीति से विधानसभा तक का सफर और राम मंदिर मुद्दे पर उनका रुख.

Akhilesh yadav with Pawan Pandey

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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं.समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के चुनावी अभियान का शंखनाद करते हुए एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है. अखिलेश यादव ने राज्य की सबसे हॉट और हाई-प्रोफाइल मानी जाने वाली अयोध्या सीट से पूर्व मंत्री तेज नारायण उर्फ पवन पांडेय को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है. पवन पांडेय अयोध्या की राजनीति में सपा के सबसे चर्चित चेहरों में से एक हैं. पिछले दिनों वह अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे का मामला उठाने को लेकर सुर्खियों में रहे हैं.

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यह ऐलान लखनऊ स्थित सपा राज्य मुख्यालय में आयोजित 'ब्राह्मण सम्मेलन' के दौरान किया गया. कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए अखिलेश यादव ने दावा ठोका कि पवन पांडेय अयोध्या सीट से विधानसभा चुनाव जीतने जा रहे हैं.

अयोध्या की राजनीति का बड़ा चेहरा

सपा के वरिष्ठ नेता,पूर्व विधायक और अयोध्या की राजनीति के चर्चित चेहरे पवन पांडेय पिछले करीब तीन दशकों से सपा का सक्रिय और प्रभावशाली नाम हैं.बेबाक बयान, आक्रामक राजनीतिक शैली और जनसरोकारों के मुद्दों पर मुखर रुख और जमीनी राजनीति उनकी पहचान रही है.

छात्र राजनीति से शुरुआत

पवन पांडेय ने साल 1998 में छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और इसी दौरान उनका जुड़ाव मुलायम सिंह यादव से हुआ.साल 1999 से वह अखिलेश यादव के साथ सक्रिय रूप से जुड़े. साल 2004 में वह लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष चुने गए. साल 2007 में छात्र हितों से जुड़े आंदोलन के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा.

2012 में ऐतिहासिक जीत और विधायक के रूप में भूमिका

पवन पांडेय ने साल 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर अयोध्या सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं तत्कालीन मंत्री लल्लू सिंह को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. उत्तर प्रदेश की 16वीं विधानसभा (2012-2017) में अयोध्या का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और नगर विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया.

राम मंदिर निर्माण, अयोध्या के विकास, भूमि अधिग्रहण, स्थानीय व्यापारियों की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर वह लगातार अपनी राय रखते रहे हैं. हाल ही में उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा और दान पेटिका से जुड़े विवाद पर उच्चस्तरीय जांच, ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की समीक्षा और पारदर्शिता की मांग उठाई. सपा ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए 2027 के चुनाव के लिए अयोध्या से प्रत्याशी घोषित किया है.

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