Mayawati BSP News: बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने पार्टी संगठन को लेकर बड़ा बदलाव किया है. उन्होंने देशभर के राज्यों को तीन सेक्टर में बांटकर संगठन के कामकाज की जिम्मेदारी अलग-अलग नेताओं को दी है. इसके तहत सेक्टर नंबर-1 में 10 राज्य, सेक्टर नंबर-2 में 9 राज्य और सेक्टर नंबर-3 में उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड को रखा गया है. मायावती ने साथ ही भारी बारिश, आंधी और तूफान से प्रभावित लोगों की मदद के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित जनता की हर स्तर पर मदद की जानी चाहिए.
ADVERTISEMENT
10 राज्यों वाले सेक्टर-1 की जिम्मेदारी दो नेताओं को
मायावती के मुताबिक सेक्टर नंबर-1 में कुल 10 राज्य शामिल किए गए हैं. इस सेक्टर की जिम्मेदारी BSP के राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और सुरेश राव को दी गई है. दोनों केंद्रीय सेक्टर प्रभारी के तौर पर इस सेक्टर में आने वाले राज्यों में पार्टी के कामकाज को देखेंगे. मायावती ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों में पार्टी के लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करने की अपील भी की है.
सेक्टर-2 के राजाराम और अतरसिंह यादव प्रभारी
सेक्टर नंबर-2 में कुल 9 राज्यों को शामिल किया गया है. इस सेक्टर की जिम्मेदारी पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद राजाराम और पूर्व विधायक अतरसिंह यादव को दी गई है. दोनों केंद्रीय सेक्टर प्रभारी के तौर पर संबंधित राज्यों में संगठन से जुड़े कामकाज को देखेंगे. मायावती ने कहा कि जहां भारी बारिश और तूफान के कारण लोगों को परेशानी हो रही है, वहां पार्टी के कार्यकर्ता अपनी सामर्थ्य के अनुसार उनकी मदद जरूर करें.
UP-उत्तराखंड की कमान इन्हें मिली
सेक्टर नंबर-3 में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है. इन दोनों राज्यों को BSP के लखनऊ स्थित केंद्रीय कैंप कार्यालय के जरिए सीधे देखा जाएगा. मायावती ने बताया कि पार्टी संगठन को तैयार करने और सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए संगठन को तीन सेक्टरों में बांटा गया है. इसी क्रम में सेक्टर-3 के दोनों राज्यों पर उनकी खुद की भी पैनी नजर रहेगी.
बाढ़ प्रभावित राज्यों में ईशान आनंद को भेजेंगी मायावती
मायावती ने अपने बयान में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों में पार्टी कार्यकर्ताओं को मदद करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा 'जहां-जहां भारी वर्षा व तूफान आदि के कारण जबरदस्त जानी, माली, तबाही मची हुई है, वहां अपनी पार्टी के लोग भी अपनी सामर्थ्य के हिसाब से उनकी मदद जरूर करें.' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मदद के लिए अलग से धन इकट्ठा नहीं किया जाना चाहिए, ताकि उसकी आड़ में कोई नाजायज फायदा न उठा सके. मायावती ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह BSP के राष्ट्रीय प्रभारी ईशान आनंद को भी प्रभावित प्रदेशों में भेज सकती हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से भी ज्यादा प्रभावित राज्यों में सरकारों की ओर से पूरी मदद करने का अनुरोध किया है.
ADVERTISEMENT











