CM योगी या अखिलेश यादव, यूपी चुनाव में किसका साथ देंगे लोधी?

कुमार अभिषेक

• 11:30 AM • 26 Sep 2026

यूपी तक के शो 'आज का यूपी' में देखें अखिलेश यादव का 'लोधी बनाम योगी' दांव, संदीप सिंह का पलटवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान का बुलडोजर राजनीति पर बेबाक इंटरव्यू.

cm yogi and akhilesh yadav

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यूपी Tak के खास शो 'आज का यूपी' में  हम रोजाना राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करते हैं. आज की पहली बड़ी खबर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की रायबरेली में निकली 'पीडीए रथ यात्रा' और उनके दिए गए 'लोधी बनाम योगी' के नए सियासी नारे से जुड़ी है जिसके जरिए वे बीजेपी के पारंपरिक ओबीसी वोट बैंक में सेंध लगाने में जुटे हैं. दूसरी बड़ी खबर अखिलेश यादव के इस नए पैंतरे पर बीजेपी का तीखा पलटवार है जहां बाबूजी कल्याण सिंह के पोते और यूपी सरकार में मंत्री संदीप सिंह ने अखिलेश यादव को अतीत की याद दिलाते हुए आड़े हाथों लिया है.वहीं आज की तीसरी बड़ी खबर पश्चिमी यूपी के बड़े नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान के बेबाक इंटरव्यू की है जिसमें उन्होंने 2024 चुनाव में हार के कारणों, सीएम योगी से दूरी और बुलडोजर राजनीति पर खुलकर अपनी बात रखी है.

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'लोधी बनाम योगी': रायबरेली से अखिलेश यादव का नया सियासी दांव

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अब ओबीसी वर्ग के एक और बड़े वोट बैंक 'लोधी बिरादरी' को अपने पाले में लाने की पुरजोर कोशिश में जुट गए हैं. रायबरेली में अपने विधायक राहुल लोधी के आवास पर अपनी 'पीडीए रथ यात्रा' के दौरान अखिलेश यादव ने एक नया नारा उछाल दिया 'यह चुनाव तो लोधी बनाम योगी होगा.'

90 के दशक से लोधी समाज को भारतीय जनता पार्टी का सबसे वफादार वोट बैंक माना जाता रहा है. पश्चिमी यूपी (कासगंज, एटा, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, कन्नौज) से लेकर कानपुर, अवध और बुंदेलखंड के कई जिलों में इस समाज की आबादी 5 से 8 प्रतिशत तक है.

2027 का समीकरण

अखिलेश यादव को लगता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जिस तरह कुर्मी, कुशवाहा और पासी समाज का समर्थन सपा को मिला अगर उसमें लोधी वोट बैंक का कुछ हिस्सा भी जुड़ जाता है तो 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को शिकस्त देना आसान हो जाएगा.  रायबरेली में सपा जिलाध्यक्ष और विधायक राहुल लोधी के साथ पुलिस के दुर्व्यवहार को मुद्दा बनाते हुए अखिलेश यादव ने सीधे लोधी समाज के स्वाभिमान को छूने का प्रयास किया है.

बीजेपी का तीखा पलटवार

अखिलेश यादव के 'लोधी बनाम योगी' वाले बयान पर बीजेपी ने तुरंत और कड़ा पलटवार किया है. पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह के पोते और यूपी सरकार में राज्य मंत्री संदीप सिंह ने अखिलेश यादव की नीयत पर सवाल खड़े किए. संदीप सिंह ने कहा कि जब लोधी समाज के सर्वमान्य नेता और पूर्व सीएम बाबूजी कल्याण सिंह का देहांत हुआ था तब अखिलेश यादव उन्हें श्रद्धांजलि देने तक नहीं आए थे और न ही अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे.

बीजेपी ने आरोप लगाया कि जब सपा सत्ता में रहती है तब उन्हें गैर-यादव पिछड़ा वर्ग याद नहीं आता, लेकिन सत्ता से बाहर होते ही वे एक कप चाय पीकर लोधी समाज को लुभाने का नाटक कर रहे हैं. अखिलेश यादव के इस कदम ने बीजेपी खेमे में भी हलचल तेज कर दी है जिसके चलते बीजेपी तुरंत अपने लोधी चेहरों को आगे कर सपा के पीडीए (PDA) फॉर्मूले को काटने में जुट गई है.

संजीव बालियान के बेबाक बोल

आज की तीसरी बड़ी खबर पश्चिमी यूपी की राजनीति से जुड़ी है. मुजफ्फरनगर से पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने 2024 लोकसभा चुनाव में अपनी हार और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर बेबाक बयान दिए हैं.

2024 चुनाव हारने की वजह

बालियान ने स्वीकार किया कि चुनाव हारने की कोई एक वजह नहीं थी. उन्होंने संगीत सोम के साथ हुए विवाद और ठाकुर समाज की पंचायतों के कारण हुए नुकसान की ओर इशारा करते हुए माना कि आपसी मतभेद सार्वजनिक नहीं होने चाहिए थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ रिश्तों में आई दूरी पर शेर अर्ज करते हुए संजीव बालियान ने कहा 'यूं ही कोई बेवफा नहीं होता, कुछ तो मजबूरियां रही होंगी.' उन्होंने माना कि पहले के मुकाबले अब सीएम आवास आना-जाना कम हो गया है.

यूपी में बुलडोजर के महिमा मंडन पर अपनी राय स्पष्ट करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें बुलडोजर की राजनीति कभी पसंद नहीं आई. इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका फिलहाल विधानसभा चुनाव लड़ने का कोई मन नहीं है.

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