शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान से नाराज बरेली मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री कौन हैं, जिनके इस्तीफे से हिल गई सरकार

सुषमा पांडेय

27 Jan 2026 (अपडेटेड: 27 Jan 2026, 01:21 PM)

Bareilly Alankar Agnihotri: अलंकार अग्निहोत्री कानपुर के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं. अलंकार अग्निहोत्री की शुरु से ही पढ़ाई लिखाई में होशियार रहे हैं. 1998 की यूपी बोर्ड परीक्षा में उन्होंने प्रदेश भर में 21वीं रैंक हासिल की थी.उन्होंने IIT-BHU से बीटेक की डिग्री ली.

Bareilly City Magistrate Alankar Agnihotri

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Who is Alankar Agnihotri: एक तरफ प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का धरना जारी है. वहीं दूसरी तरफ बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे ने इसे एक बड़ा जातिगत और सियासी रंग दे दिया है. अलंकार ने अपने त्यागपत्र में 18 जनवरी को प्रयागराज में संतों की चोटी खींचकर की गई पिटाई और यूजीसी के 13 जनवरी के नए गजट को आधार बनाया है.उन्होंने ब्राह्मण सांसदों और विधायकों को जमीर जगाने की चुनौती देते हुए इस्तीफे की मांग की है.

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कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री? 

अलंकार अग्निहोत्री कानपुर के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं. अलंकार अग्निहोत्री की शुरु से ही पढ़ाई लिखाई में होशियार रहे हैं. 1998 की यूपी बोर्ड परीक्षा में उन्होंने प्रदेश भर में 21वीं रैंक हासिल की थी.उन्होंने IIT-BHU से बीटेक की डिग्री ली.सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने 10 साल तक आईटी सेक्टर में कंसल्टेंसी की नौकरी की.अलंकार अग्निहोत्री ने अपने भाई-बहनों की जिम्मेदारी पूरी करने के बाद उन्होंने पीसीएस की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में चयनित हुए. वे उन्नाव, बलरामपुर और लखनऊ (एसडीएम) में तैनात रहे.मई 2025 में उन्होंने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का पद संभाला था.

इस्तीफे की बड़ी वजह

अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पत्र में लिखा कि 18 जनवरी को माघ मेले में पुलिस ने जिस तरह से शंकराचार्य के बटुकों और बुजुर्ग आचार्यों को पीटा, वह असहनीय है. उन्होंने कहा कि 'ब्राह्मण और साधु की चोटी उसकी धार्मिक पहचान है. जब प्रशासन के लोग ही चोटी पकड़कर संतों को घसीटेंगे तो समाज में क्या संदेश जाएगा?' इसके अलावा उन्होंने यूजीसी UGC के नए नियम को 'अपर कास्ट' के छात्रों के खिलाफ एक बड़ी साजिश बताया. अलंकार के अनुसार 'समता समिति' के माध्यम से सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों को झूठे मामलों में फंसाने का रास्ता साफ किया जा रहा है जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो सकता है.

अलंकार अग्निहोत्री ने बीजेपी के ब्राह्मण सांसदों और विधायकों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि 'आप लोग किसी कॉर्पोरेट कंपनी के एम्प्लॉई की तरह चुप बैठे हैं. अगर थोड़ा भी जमीर बचा है तो समाज के अपमान के विरोध में इस्तीफा दें और जनता के साथ खड़े हों.'इस्तीफे के बाद अलंकार को भारी जनसमर्थन मिल रहा है. ब्राह्मण समाज के लोग उनके पक्ष में लामबंद हो रहे हैं. जब उनसे उनके राजनीतिक भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'आगे समाज जो तय करेगा मैं वही करूंगा.'