यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर बिग अपडेट, मंत्री ओपी राजभर ने खुद बताया कब होंगे इलेक्शन

UP Political Newsयूपी तक के शो 'आज का यूपी' में जानें पंचायत चुनाव 2026 का सच, सीएम योगी पर टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम का विवाद और उसके खिलाफ दर्ज 83 एफआईआर की पूरी रिपोर्ट.

OP Rajbhar (oprajbhar/insta)

कुमार अभिषेक

• 09:44 AM • 10 Mar 2026

follow google news

UP Political News: यूपी Tak का खास शो आज का यूपी राज्य की राजनीतिक और सामाजिक हलचलों का सटीक विश्लेषण पेश करता है. आज के अंक में हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण कर रहे हैं. पहली खबर उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर बनी संशय की स्थिति पर है. दूसरी खबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ बढ़ते जन आक्रोश और दर्ज हुई 83 एफआईआर से जुड़ी है. वहीं तीसरी खबर इस विवादित मौलाना के सियासी बैकग्राउंड और उसकी कार्यशैली का पर्दाफाश करती है.

यह भी पढ़ें...

पंचायत चुनाव 2026 होंगे या टलेंगे? भ्रम के बीच ओप्रकाश राजभर का बड़ा दावा

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर इस वक्त भारी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है. एक तरफ जमीनी हकीकत कुछ और इशारा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का दावा है कि चुनाव समय पर होंगे. राजभर के अनुसार, 15 अप्रैल तक पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट जारी कर दी जाएगी और विभाग इसकी अंतिम तैयारियों में जुटा है.

तकनीकी रूप से ग्राम प्रधानों और बीडीसी का कार्यकाल मई 2026 में खत्म हो रहा है. नियमतः इससे पहले चुनाव हो जाने चाहिए, लेकिन अभी तक राज्य में उस ओबीसी आयोग का गठन ही नहीं हुआ है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण का रोस्टर तय होना है. जानकारों का मानना है कि बिना आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण प्रक्रिया के चुनाव कराना संभव नहीं है. साथ ही, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार के भीतर एक वर्ग इसे टालने के पक्ष में भी दिख रहा है ताकि कार्यकर्ताओं की संभावित नाराजगी का असर मुख्य चुनावों पर न पड़े.

सीएम योगी पर टिप्पणी से उबाल, मौलाना के खिलाफ पूरे यूपी में 83 FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश का माहौल एक मौलाना के आपत्तिजनक बयान के बाद गरमा गया है. आरोपी मौलाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी मां को लेकर बेहद अभद्र और अमर्यादित बातें कहीं, जिसके विरोध में हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है. राज्य के अलग-अलग जिलों में इस बयान के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन हो रहे हैं.

अब तक इस मामले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में कुल 83 तहरीरें दी जा चुकी हैं और कई जगह एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है. लोगों में इस कदर गुस्सा है कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है.

कौन है विवादित मौलाना अब्दुल्ला सलीम? 'चतुर्वेदी' टाइटल और सियासी कनेक्शन का सच

विवादित बयान देने वाले इस मौलाना का नाम अब्दुल्ला सलीम है, जो खुद को 'सलीम चतुर्वेदी' लिखता है. देवबंद से शिक्षित यह मौलाना बिहार, बंगाल और झारखंड के सीमांचल इलाकों में काफी सक्रिय है. अपने नाम के साथ 'चतुर्वेदी' जोड़ने के पीछे उसका दावा है कि उसे चारों वेदों, गीता और रामायण का पूर्ण ज्ञान है. वह अपनी तकरीरों में कुरान के साथ-साथ हिंदू धर्मग्रंथों के उदाहरण भी देता है, जिससे उसके जलसों में भारी भीड़ जुटती है.

अब्दुल्ला सलीम केवल एक धार्मिक वक्ता नहीं है, बल्कि उसकी गहरी सियासी महत्वाकांक्षाएं भी हैं. वह बिहार के जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की कोशिश कर चुका है. उसने पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) का दामन थामा था और बाद में प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' से भी जुड़ा. फिलहाल, उसके ताजा बयान ने उसे भारी कानूनी मुश्किलों में डाल दिया है और यूपी पुलिस की उन पर पैनी नजर है.