Aaj Ka UP: उत्तर प्रदेश का खास शो 'आज का यूपी' राज्य की राजनीतिक और सामाजिक हलचलों का सटीक विश्लेषण लेकर आता है.आज के अंक में हम प्रदेश की तीन बड़ी और अहम खबरों पर विस्तार से चर्चा करेंगे. पहली खबर सलीम वास्तिक के हमलावरों के एनकाउंटर से जुड़ी है जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि हमलावर किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे. दूसरी खबर में भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस मुलाकात का जिक्र है जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. वहीं तीसरी खबर शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद के प्रस्तावित लखनऊ कूच और सरकार के साथ संभावित टकराव की है. आइए इन तीनों खबरों का विस्तार से चर्चा करते हैं.
ADVERTISEMENT
सलीम वास्तिक हमलावर एनकाउंटर
यूट्यूबर और खुद को एक्स-मुस्लिम बताने वाले सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला करने वाले दो भाई जीशान और गुलफाम, गाजियाबाद पुलिस के साथ मुठभेड़ में ढेर हो चुके हैं. पुलिस जांच में अब यह बात सामने आ रही है कि ये दोनों भाई केवल सेल्फ रेडिकलाइज्ड नहीं थे बल्कि उनके पीछे एक गहरी साजिश और नेटवर्क काम कर रहा था. यूपी पुलिस को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के एक संदिग्ध मौलाना का सुराग मिला है जो संभवतः इनका हैंडलर था. दोनों भाई पाकिस्तान से संचालित एक टेलीग्राम ग्रुप 'मुस्लिम आर्मी मेहंदी मॉडरेटर' के संपर्क में थे. जांच में हमलावरों के दो बैंक खातों का पता चला है जिनमें संदिग्ध लेनदेन पाया गया है. इससे संकेत मिलता है कि उन्हें इस हमले के लिए लगातार फंड मुहैया कराया जा रहा था.एनकाउंटर के बाद हमलावरों के पिता ने इसे 'धर्म का काम' बताते हुए किसी भी पछतावे से इनकार किया जो कट्टरपंथ की गहराई को दर्शाता है.
विधायक नंद किशोर गुर्जर और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात के मायने
लोनी से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर जो पिछले करीब छह महीनों से अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुखर थे अचानक बदले हुए नजर आ रहे हैं.सलीम वास्तिक के हमलावरों के एनकाउंटर के बाद गुर्जर ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें धन्यवाद दिया. माना जा रहा है कि इस एनकाउंटर के बाद हिंदू मतदाताओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कद और बढ़ गया है. लोनी जैसे क्षेत्र में जहां हिंदुत्व की राजनीति का गहरा प्रभाव है. नंद किशोर गुर्जर के लिए मुख्यमंत्री के करीब आना एक राजनीतिक मजबूरी और जरूरत दोनों बन गया है.विधायक ने मुख्यमंत्री के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए सरकार की 'नो कॉम्प्रोमाइज' नीति की सराहना की है.
शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद का लखनऊ सत्याग्रह: बढ़ सकता है टकराव
गौ-माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और बीफ एक्सपोर्ट पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद 7 मार्च से वाराणसी से अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं.हालांकि उनकी इस यात्रा और लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.स्वामी जी वाराणसी से सुल्तानपुर, रायबरेली और उन्नाव होते हुए लखनऊ पहुंचेंगे. उनका लक्ष्य 11 मार्च से लखनऊ में सत्याग्रह शुरू करना है. अभी तक प्रशासन ने उन्हें लखनऊ में कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है.यउन्होंने कांशीराम स्मृति उपवन में सभा की इजाजत मांगी है. इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने शंकराचार्य के अभियान को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया. अब देखना यह होगा कि क्या सरकार उन्हें लखनऊ में प्रवेश की अनुमति देती है या एक नया सियासी टकराव देखने को मिलेगा.
ADVERTISEMENT









