UP News: सोमवार को लोकसभा में उस समय भारी हंगामा हो गया, जब सदन के नेता विपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर 'धन्यवाद प्रस्ताव' की चर्चा के दौरान अपना भाषण शुरू किया. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की डोकलाम गतिरोध पर लिखी गई किताब के प्रकाशन पर रोक लगा रही है. सरकार ने उनकी टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए उनसे सटीक प्रमाण पेश करने की मांग की. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच तीखी बहस देखने को मिली और सदन में भारी बवाल मचा.
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गुमराह कर रहे राहुल: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर लोकसभा को गुमराह करने का आरोप लगाया. इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी द्वारा सदन में एक प्रकाशित मैगजीन की स्टोरी के हवाले से दी गई बातों पर आपत्ति जताई और कहा कि यह सदन के नियमों के खिलाफ है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "मैं चाहता हूं कि लोकसभा के विपक्ष सदन के समक्ष वह पुस्तक प्रस्तुत करें जिसका वे हवाला दे रहे हैं, क्योंकि जिस पुस्तक का वे जिक्र कर रहे हैं वह प्रकाशित नहीं हुई है."
फिर अखिलेश यादव ने कही ये बात
लोकसभा में विपक्ष के नेता के पक्ष में बोलते हुए, समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने चीन के संदर्भ में कहा, "चीन से जुड़ा मामला बहुत संवेदनशील है. विपक्ष के नेता को लोकसभा में बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए."
'आखिर वह कौन सा नियम है जो चीन के साथ भारत के संबंधों पर चर्चा करने से रोकता है'
राहुल गांधी ने भारत-चीन संबंधों पर बोलने के दौरान खुद पर लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा उठाने से रोका गया. राहुल गांधी ने कहा कि वह चीन के साथ भारत के संबंधों और जारी सीमा तनाव पर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन संसदीय नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया गया. आसन से सवाल करते हुए कांग्रेस नेता ने पूछा कि आखिर वह कौन सा विशिष्ट नियम है जो चीन के साथ भारत के संबंधों पर चर्चा करने से रोकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और सदन में इस पर बहस की अनुमति दी जानी चाहिए.
फिर ओम बिरला ने कही ये बात
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए दोहराया कि सदन के भीतर संसदीय नियमों को चुनौती नहीं दी जा सकती. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि सभी सदस्य स्थापित प्रक्रियाओं से बंधे हुए हैं और वे संसदीय कार्यवाही के नियमों पर सवाल या बहस नहीं कर सकते. ओम बिरला की यह टिप्पणी तब आई जब राहुल गांधी ने उस नियम पर स्पष्टीकरण मांगा था जिसके तहत उन्हें भारत-चीन संबंधों पर बोलने से रोका गया था. इस दौरान सदन में तीखी बहस और काफी व्यवधान भी देखा गया.
पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब के अंश कोट करने की मांग को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के रुख पर हुए हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
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