अलीगढ़ के सलाउद्दीन हैं अखिलेश यादव की हमशक्ल, एक वॉट्सऐप फोटो से बदली इनकी किस्मत, पूरी कहानी है मजेदार!

Akhilesh Yadav Lookalike: कौन हैं अखिलेश यादव के हमशक्ल सलाउद्दीन? अलीगढ़ के हार्डवेयर कारोबारी सलाउद्दीन की फोटो देख खुद अखिलेश यादव भी रह गए दंग. जानें कैसे बदली सलाउद्दीन की तकदीर.

Akhilesh Yadav Lookalike Salauddin

सुषमा पांडेय

02 Feb 2026 (अपडेटेड: 02 Feb 2026, 11:00 AM)

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लाल टोपी, सफेद कुर्ता और लाल गमछा. पहली नजर में देखने पर कोई भी इन्हें समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ही समझेगा. लेकिन ये अखिलेश यादव नहीं, बल्कि उनके हमशक्ल सलाउद्दीन हैं. सलाउद्दीन इन दिनों अपनी शक्ल-ओ-सूरत और अंदाज की वजह से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भयंकर चर्चा का केंद्र बने हुए हैं.

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कैसे चर्चा में आए सलाउद्दीन?

अलीगढ़ के शाह जमाल क्षेत्र के रहने वाले सलाउद्दीन एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनका हार्डवेयर का बिजनिस है. उनकी तकदीर तब बदली जब सपा के फायर ब्रांड प्रवक्ता राजकुमार भाटी से उनकी मुलाकात हुई. सलाउद्दीन को देख राजकुमार भाटी भी भौचक्के रह गए. उन्होंने तुरंत सलाउद्दीन की फोटो खींची और अखिलेश यादव को वॉट्सऐप कर दी. बताया जा रहा है कि खुद अखिलेश यादव भी अपनी हमशक्ल को देखकर शॉक्ड रह गए और उन्होंने सलाउद्दीन के बारे में और जानकारी ली. 

'अल्लाह की नेमत है यह शक्ल'

सलाउद्दीन खुद को सपा का कार्यकर्ता बताते हैं और अपनी शक्ल को कुदरत की सबसे बड़ी नेमत मानते हैं. उनका कहना है, "बचपन से लोग कहते थे कि मेरा चेहरा भैया (अखिलेश यादव) से मिलता है. अब जब से राजकुमार भाटी जी ने मेरा फोटो वायरल किया है, तब से मीडिया और पार्टी पदाधिकारियों का मेरे घर जमघट लगा है. मुझे बहुत फक्र महसूस हो रहा है कि लोग मुझे इतनी बड़ी शख्सियत से कंपेयर कर रहे हैं."

अखिलेश के रंग में रंगे सलाउद्दीन, 2027 की तैयारी

सलाउद्दीन ने अब अपनी चाल-ढाल और पहनावा पूरी तरह अखिलेश यादव जैसा ही बना लिया है. वह कहते हैं कि वह भैया के अंदाज में ही विपक्ष को जवाब देंगे. चर्चा यह भी है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सलाउद्दीन समाजवादी पार्टी के लिए स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतर सकते हैं और विरोधियों से दो-दो हाथ कर सकते हैं. 

अखिलेश यादव से मिलने का है ख्वाब!

सलाउद्दीन का सबसे बड़ा सपना अब अपने नेता अखिलेश यादव से आमने-सामने मिलना है. हालांकि, लखनऊ में राजकुमार भाटी के साथ उनकी मुलाकात की योजना बनी थी, लेकिन किसी कारणवश वह नहीं हो पाई. सलाउद्दीन कहते हैं, "मैं अक्सर ख्वाब में भैया से मिलने की सोचता था. वह दिन मेरी जिंदगी का सबसे खास होगा जब मैं उनके सामने खड़ा होऊंगा." फिलहाल, सलाउद्दीन के घर पर रिश्तेदारों और दोस्तों द्वारा मिठाई बांटकर खुशियां मनाई जा रही हैं. 

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