पुलिस भर्ती में 'पंडित' विवाद और कांशीराम के ‘हवा में उड़ गए जय श्री…’ के नारे को लेकर शिवपाल सिंह यादव ने अब ये क्या कह दिया?

UP News: कांशीराम जयंती पर सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने इटावा में एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में पंडित विवाद और कांशीराम के एक विवादित नारे को लेकर अपनी बात रखी.

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अमित तिवारी

15 Mar 2026 (अपडेटेड: 15 Mar 2026, 05:42 PM)

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UP News: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में अवसरवाद के सवाल में पंडित शब्द के प्रयोग का मामला काफी चर्चाओं में बना हुआ है. इसको लेकर ब्राह्मण समाज में जबरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है. मामले को लेकर खुद सीएम योगी आदित्यनाथ एक्शन में आए हैं. अब इसको लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है.

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दरअसल पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में सवाल पूछा गया, .'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला' - इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए. इस दौरान उत्तर के 4 विकल्प भी दिए गए थे. इसमें (A) पंडित, (B) अवसरवादी, (C) निष्कपट, (D) सदाचारी था. इसका सही उत्तर 'अवसरवादी' है. लेकिन 'पंडित' शब्द को नकारात्मक अर्थ (अवसरवादिता) वाले प्रश्न के विकल्प के रूप में रखने पर आपत्ति जताई गई. बता दें कि अब इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सपा चीफ के चाचा शिवपाल सिंह यादव का भी बयान सामने आ गया है.

शिवपाल सिंह यादव ये बोले

इटावा में  कांशीराम की जयंती पर आयोजित जनसभा में पहुंचे शिवपाल सिंह यादव ने इस विवाद पर अपनी बात रखी. उन्होंने इसे ब्राह्मणों के अपमान से जोड़ दिया और योगी सरकार को निशाने पर लिया.

शिवपाल सिंह यादव ने कहा, आप देख रहे हैं कि इस सरकार में लगातार ब्राह्मण लोगों को अपमानित किया जा रहा है. उनको नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं.

कांशीराम के नारे को बताया गलत..

इस दौरान शिवपाल सिंह यादव ने 1992 में दिए गए कांशीराम के नारे में गलतियां भी बताई. उन्होंने कहा,
उस समय गलतियां हुई हैं. 1992 के चुनाव में कांशीराम जब जीते थे, उन्होंने नारा दिया था कि मिले मुलायम कांशीराम….आगे का नारा नहीं बोलना चाहते. शिवपाल सिंह यादव ने आगे कहा, भगवान राम को हम लोग मानते हैं. ये गलतियां थी.

आपको बता दें कि यहां शिवपाल सिंह यादव जिस नारे का जिक्र कर रहे हैं, वह इस तरह था. ‘मिले मुलायम-कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम’. अब शिवपाल सिंह यादव ने इस नारे को गलत बताया है.