शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन करते-करते ये क्या ही बोल गए सपा सांसद सनातन पांडेय?

UP News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर हो रहा विवाद सुर्खियों में बना हुआ है. अब बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय का बयान भी इसको लेकर आया है.

UP News

यूपी तक

20 Jan 2026 (अपडेटेड: 20 Jan 2026, 07:39 PM)

follow google news

UP News: आज 'पूर्वांचल की बात' में हम बात करेंगे बलिया के समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय की. सपा सांसद लखनऊ में थे. समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज पार्टी के सभी सांसदों की अहम बैठक बुलाई थी. इसमें बाबा के नाम से पहचाने जाने वाले बलिया सांसद सनातन पांडेय भी शामिल हुए.  बैठक में पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाई गई. 

यह भी पढ़ें...

इस दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर हो रहा विवाद भी सुर्खियों में बना रहा. ऐसे में मीडिया ने सपा सांसद सनातन पांडेय से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर सवाल पूछ लिया. इस दौरान सपा सांसद ने जो कहा, वह अब चर्चाओं में आ गया. बता दें कि सपा सांसद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं. 

सपा सांसद ने कहा, कोई कैसे बताएगा कि किसी के पिता ही उसके पिता हैं. इसके लिए तो डीएनए टेस्ट ही करवाना पड़ेगा. सपा सांसद ने आगे कहा, लोकतांत्रिक सरकार है. मगर सत्ताधारियों से इससे ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती.

इस वीडियो में देखिए सपा सांसद ने क्या-क्या कहा और ये पूरा विवाद है क्या?

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का क्या विवाद है?

दरअसल ये पूरा विवाद रविवार के दिन यानी मौनी अमावस्या वाले दिन शुरू हुआ. पुलिस ने कथित तौर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके अनुयायियों को संगम स्नान से रोका और मारपीट की. इसके बाद प्रशासन ने उन्हें 24 घंटे का नोटिस थमाया और पूछा कि वह खुद को शंकराचार्य कैसे कह रहे हैं? 

बता दें कि इसके बाद से ही शंकराचार्य संकल्प पर बैठे हैं. उन्होंने साफ कहा है कि वह ना अनशन पर हैं और ना ही धरने पर. उन्होंने टेक यानी संकल्प लिया है. जब तक उन्हें सम्मानजनक स्नान का मौका नहीं मिलेगा, तब तक बाहर रहेंगे. यह टेक गंगा-यमुना के सामने है, किसी सरकार के सामने नहीं. आपको ये भी बता दें कि इस मामले को लेकर सपा और कांग्रेस योगी सरकार पर निशाना साध रही है और दोनों पार्टियां शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में आ गई हैं.

    follow whatsapp