पीएम मोदी को गाली देने वाली रुचिका के लिए क्या बोले अभिजीत दीपके? वीडियो जारी कर कही ये बात

यूपी तक

31 Jul 2026 (अपडेटेड: 31 Jul 2026, 07:41 PM)

दिल्ली छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में रुचिका सिंह पर एफआईआर दर्ज होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो जारी किया है.

UP Tak
Google CTA

दिल्ली में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में फरीदाबाद की रहने वाली रुचिका सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है. इस मामले में पहले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा था कि गाली देना क्रिमिनल ऑफेंस नहीं है, वहीं अब CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी अपना वीडियो जारी कर दिया है. 

यह भी पढ़ें...

अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर गाली देने पर कार्रवाई हो रही है तो वर्षों से महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वालों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने भाजपा आईटी सेल, उसके कथित सदस्यों और कुछ नेताओं का जिक्र करते हुए कानून के समान इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए. उन्होंने पूछा कि क्या इस देश में सभी के लिए एक जैसा कानून लागू होता है या अलग-अलग लोगों के लिए अलग नियम हैं.

आखिर अभिजीत दीपके ने अपने वीडियो में क्या-क्या कहा?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने हाल ही में देखा कि एक लड़की के खिलाफ कथित तौर पर गाली देने के आरोप में केस दर्ज किया गया है. उन्होंने सवाल किया कि अगर गाली देने पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है तो वर्षों से सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले भाजपा आईटी सेल के सदस्यों पर कार्रवाई कब होगी.

दीपके ने दावा किया कि ऐसे कई सोशल मीडिया अकाउंट महिलाओं जो महिलाओं को गालियां देते हैं और अपने सोशल मीडिया बायो में 'Followed by PM Modi' लिखते हैं और उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, अगर कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है.

अपने वीडियो में उन्होंने कहा कि सवाल सिर्फ यहां तक सीमित नहीं है. उन्होंने भाजपा सांसद रमेश बिदुड़ी का भी जिक्र किया और कहा कि संसद में एक साथी सांसद के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों को लोग आज भी याद करते हैं.

इसके अलावा उन्होंने योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया. दीपके ने दावा किया कि मुख्यमंत्री का एक पुराना वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने एक कैमरा पर्सन के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था.

'क्या देश में दो तरह के कानून हैं?'

अभिजीत दीपके ने अपने वीडियो में सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इस देश में युवाओं के लिए एक कानून और सत्ताधारी दल व उसके नेताओं के लिए दूसरा कानून है. उनके मुताबिक, अगर किसी एक मामले में गाली देने पर एफआईआर दर्ज होती है तो समान परिस्थितियों में बाकी मामलों में भी वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए.

'गाली देना अपराध नहीं है'

वीडियो में दीपके ने कहा कि उनके अनुसार गाली देना अपने आप में अपराध नहीं है. उन्होंने कहा कि यह गलत और अनुचित व्यवहार हो सकता है, लेकिन यदि इसी आधार पर आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं, तो फिर यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए. उन्होंने कहा कि गाली देने वाली महिला को समझाना चाहिए था.