UP News: सोमवार के दिन पश्चिम यूपी से ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने यूपी खासकर पश्चिम यूपी की राजनीति को हिला कर रख दिया. दरअसल यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रालोद चीफ जयंत चौधरी ने साथ में रैली की. भाजपा-रालोद की ये संयुक्त रैली मुजफ्फरनगर में हुई. मगर तभी रालोद के मुस्लिम विधायक के साथ जो हुआ, उसने हर किसी को हैरान कर दिया और राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया.
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मुस्लिम विधायक की नो एंट्री!
मेरठ के सिवालखास विधानसभा से रालोद विधायक गुलाम मोहम्मद भी मुख्यमंत्री योगी और रालोद चीफ जयंत चौधरी की संयुक्त रैली में पहुंचे. वह भी अपने समर्थकों के साथ जनसभा में गए. मगर कार्यक्रम स्थल जाते समय विधायक को रोक लिया गया.
बता दें कि कार्यक्रम स्थल के मंच पर जाने वाले मुख्य गेट से रोलाद विधायक को वापस लौटा दिया गया. खुद एसएसपी ने रालोद के मुस्लिम विधायक को रोका.
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एसएसपी ने रालोद एमएलए को रोक दिया
बता दें कि एसएसपी संजय वर्मा ने रालोद विधायक को गुलाम मोहम्मद को रोक दिया. विधायक ने अपना परिचय भी दिया. मगर एसएसपी ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया. एसएसपी ने साफ कहा कि कार्यक्रम के मंच पर उन्हें ही जाने दिया जा रहा है, जिनका नाम अधिकृत सूची में है. मगर विधायक का नाम ना तो मंच पर बैठने वालों की सूची में था और ना ही मंच के नीचे बैठने वाले विशिष्ट अतिथियों की सूची में था. ऐसे में एसएसपी ने रालोद विधायक गुलाम मोहम्मद को मंच पर जाने, यहां तक की मंच के पास तक जाने की अनुमति नहीं दी.
बताया जा रहा है कि इस दौरान विधायक ने सिफारिश लगवाई, दबाव बनाया. मगर कुछ भी काम नहीं आया. जब मामले की जानकारी मंच पर मौजूद नेताओं को हुई, तो उन्होंने विधायक को अंदर बुलाया. मगर फिर भी विधायक को योगी-जयंत के मंच पर जगह नहीं मिली.
रालोद डैमेज केंट्रोल में जुटी
बता दें कि हंगामा बढ़ने के बाद रालोद डैमेज केंट्रोल में जुट गई. विधायक खुद आगे आए और कहा कि उन्होंने आने की पूर्व सूचना खुद नहीं दी थी. इसलिए ये सब हुआ. ये पूरी घटना मिस अंडर स्टैंडिंग है. विधायक ने कहा कि पार्टी नेताओं ने उनका पूरा सम्मान किया.
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