दिल्ली में अमित शाह से मिले पंकज चौधरी, लखनऊ में विनोद तावड़े की बैठक... यूपी में कुछ बड़ा होगा क्या अब?

उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बदलाव की चर्चाओं के बीच विनोद तावड़े ने लखनऊ में डिप्टी सीएम और वरिष्ठ नेताओं संग बैठक की. वहीं पंकज चौधरी ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की.

यूपी तक

13 Apr 2026 (अपडेटेड: 13 Apr 2026, 11:45 AM)

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उत्तर प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल की आहट के बीच प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की लखनऊ में वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक और यूपी भाजपा चीफ पंकज चौधरी की दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. आपको बता दें कि विनोद तावड़े ने दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की है.

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लखनऊ में संगठन को सशक्त बनाने पर मंथन

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने लखनऊ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विस्तृत बैठक की. इस मुलाकात के बाद उन्होंने X पर जानकारी शेयर करते हुए बताया, "संगठनात्मक विषयों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई. प्रदेश में संगठन को और सशक्त, सक्रिय और व्यापक बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ. हमारा संकल्प स्पष्ट है सेवा, सुशासन और ‘राष्ट्र प्रथम’ के मूल मंत्र के साथ भाजपा को जन-जन तक और मजबूत बनाना."

दिल्ली में अमित शाह से मिले प्रदेश अध्यक्ष

इसी बीच, यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस मुलाकात को सांगठनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चौधरी ने 'X' पर लिखा, "अमित शाह जी से विभिन्न सांगठनिक विषयों पर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई. उनका अनुशासित नेतृत्व और संगठन के प्रति अटूट समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहा है. उनसे मिला मार्गदर्शन और आशीर्वाद हृदय को गहराई से स्पर्श कर गया."

मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज

राजनीतिक गलियारों में इन मुलाकातों को उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में संभावित बड़े बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है. वरिष्ठ नेताओं की एक के बाद एक हो रही इन बैठकों ने यह संकेत दे दिए हैं कि भाजपा राज्य में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए किसी बड़े रणनीतिक फेरबदल की तैयारी कर रही है.