UP Kiska: राजघरानों की लड़ाई में किसका साथ देंगे बृजभूषण शरण सिंह, समझिए पूरा समीकरण

Colonelganj Assembly Seat:कर्नलगंज सीट पर बरगदी कोट और भबुआ राजघरानों की दशकों पुरानी जंग में अब बृजभूषण शरण सिंह की भूमिका निर्णायक हो गई है. क्या 2027 में बीजेपी विधायक अजय सिंह अपना किला बचा पाएंगे या बृजभूषण किसी नए चेहरे पर दांव लगाएंगे? देखें कर्नलगंज का पूरा सियासी समीकरण.

Colonelganj Assembly Seat

रजत सिंह

09 Apr 2026 (अपडेटेड: 09 Apr 2026, 03:39 PM)

follow google news

Colonelganj Assembly Seat: उत्तर प्रदेश की कर्नलगंज विधानसभा सीट का इतिहास राजघरानों की आपसी लड़ाई और वर्चस्व का रहा है. बरगदी कोट के कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ 'लल्ला भैया' और भबुआ के योगेश प्रताप सिंह उर्फ 'योगी भैया' दशकों से एक-दूसरे के आमने-सामने रहे हैं. लेकिन 2022 में बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन से अजय सिंह ने इस समीकरण को बदल दिया. अब 2027 की आहट के साथ सवाल यह है कि इस बार बृजभूषण का आशीर्वाद किसे मिलेगा?

यह भी पढ़ें...

राजघरानों का तिलस्म और बृजभूषण का दबदबा

कर्नलगंज में बरसों तक लल्ला भैया और योगी भैया के बीच ही सत्ता का हस्तांतरण होता रहा. कभी बसपा, कभी सपा तो कभी कांग्रेस पार्टियां बदलती रहीं. लेकिन चेहरा इन्हीं दो परिवारों का रहा. 2022 में एक बड़ा बदलाव तब दिखा जब ये दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी राजघराने एक हो गए. फिर भी बीजेपी के अजय सिंह चुनाव जीत गए. इस जीत के पीछे सबसे बड़ी ताकत बृजभूषण शरण सिंह को माना गया.

वर्तमान विधायक बनाम राजघराना

वर्तमान बीजेपी विधायक अजय सिंह का दावा है कि उन्होंने कर्नलगंज की राजनीति से 'राजशाही' खत्म कर इसे 'जनता' तक पहुंचाया है. अजय सिंह का कहना है कि पहले विधायक से मिलना मुश्किल था. लेकिन अब वे 24 घंटे उपलब्ध हैं. उनके कार्यकाल में परसपुर ब्लॉक मुख्यालय को मुख्य सड़कों से जोड़ने का काम हुआ जो आजादी के बाद से लंबित था. समाजवादी पार्टी का आरोप है कि बीजेपी सिर्फ नफरत की राजनीति करती है और विकास से कोसों दूर है. सपा समर्थकों का मानना है कि पिछली बार कुछ गफलत की वजह से योगेश प्रताप सिंह हार गए थे. लेकिन 2027 में वे वापसी करेंगे.

2027 का समीकरण: क्या बदलेंगे वफादार?

स्थानीय पत्रकारों और सियासी जानकारों के मुताबिक, कर्नलगंज की जीत की चाबी बृजभूषण शरण सिंह के पास है. यहां करीब 80,000 ब्राह्मण, 55,000 यादव, 49,000 क्षत्रिय और 45,000 मुस्लिम वोटर हैं. ब्राह्मण और ठाकुर वोटों का बिखराव ही हार-जीत तय करता है. चर्चा है कि वर्तमान विधायक अजय सिंह और बृजभूषण शरण सिंह के बीच रिश्ते पहले जैसे मधुर नहीं रहे.कहा जा रहा है कि बृजभूषण इस बार लल्ला भैया के बेटे को अपना समर्थन दे सकते हैं. कर्नलगंज की इस दिलचस्प लड़ाई में 2027 तक कई नए मोड़ आने की उम्मीद है. क्या राजघराने फिर से अपनी खोई हुई विरासत हासिल करेंगे या बृजभूषण का नया 'मोहरा' बाजी मार ले जाएगा  यह तो वक्त ही बताएगा.