भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ संगठनकर्ता और पार्टी पदाधिकारी गोपी कृष्ण पांडेय को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. कानपुर के किदवई नगर निवासी गोपी कृष्ण पांडेय लंबे समय से पार्टी और संघ परिवार के सांगठनिक ढांचे से जुड़े रहे हैं. अपनी उम्मीदवारी के ऐलान से पहले बेहद लो-प्रोफाइल रहने वाले और मीडिया की चर्चाओं से दूर रहने वाले गोपी कृष्ण को राज्यसभा का टिकट मिलना उनके दशकों लंबे सांगठनिक अनुभव और पार्टी के प्रति निष्ठा का परिणाम माना जा रहा है.
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कैसा है गोपी कृष्ण पांडेय का सियासी सफर!
गोपी कृष्ण पांडेय का राजनीतिक सफर बेहद शुरुआती उम्र में एक बाल स्वयंसेवक के रूप में शुरू हुआ था. इसके बाद उन्होंने बजरंग दल में जिला सह संयोजक के रूप में जिम्मेदारी निभाई. धार्मिक और सामाजिक चेतना के काम में सक्रिय रहते हुए उन्होंने हिंदू जागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर भी काम किया. इसके अलावा, युवाओं को जोड़ने और पार्टी के अभियानों को रफ़्तार देने के लिए उन्होंने बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली थी.
बीजेपी किसान मोर्चा में सक्रिय रहे हैं गोपी पांडेय
पार्टी के भीतर एक समर्पित नेता के रूप में पहचाने जाने वाले गोपी कृष्ण पांडेय बीजेपी के किसान मोर्चा में भी काफी सक्रिय रहे हैं. वे किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहने के साथ-साथ इसकी राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य भी रह चुके हैं. इतना ही नहीं, किसान मोर्चा से जुड़े रहने के दौरान उन्होंने कई राज्यों में प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली है. विभिन्न मोर्चों और सांगठनिक दायित्वों के लंबे अनुभव को देखते हुए बीजेपी आलाकमान ने अब उन्हें उच्च सदन में भेजने का फैसला किया है.
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