सहसवान विधानसभा में किसे टिकट देगी सपा-बीजेपी? इन नामों की चर्चा

रजत सिंह

• 02:03 PM • 21 Oct 2026

यूपी की सहसवान विधानसभा सीट तीन दशकों से सपा का मजबूत गढ़ बनी हुई है. जानिए विधायक बृजेश यादव, डीपी यादव परिवार, बीजेपी की रणनीति, बसपा की चुनौती और आगामी विधानसभा चुनाव में संभावित उम्मीदवारों के सियासी समीकरण.

Sahaswan Assembly

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उत्तर प्रदेश की सहसवान विधानसभा सीट पिछले 30 वर्षों से समाजवादी पार्टी (सपा) का एक मजबूत गढ़ रही है. इस सीट पर हमेशा से यादव विधायकों का दबदबा रहा है जहां पांच बार विधायक रहे ओंकार सिंह यादव के परिवार से वर्तमान में उनके बेटे बृजेश यादव विधायक हैं. हालांकि इस सीट पर बाहुबली डीपी यादव के परिवार का प्रभाव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का मजबूत दूसरा स्थान चुनावों को बेहद दिलचस्प बनाता है. जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज तक यहां अपना खाता नहीं खोल पाई है. आगामी चुनावों को लेकर इस सीट पर सभी दलों की रणनीतियां और दावेदार चर्चा का केंद्र बने हुए हैं.

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समाजवादी पार्टी का मजबूत किला और मौजूदा स्थिति

इस सीट पर लंबे समय से समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा है. ओंकार सिंह यादव के पांच बार विधायक रहने के बाद वर्तमान में उनके पुत्र बृजेश यादव यहां से विधायक हैं और आगामी चुनाव में भी सपा के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.

केवल एक बार (2007 में) डीपी यादव ने अपनी पार्टी या निर्दलीय रहते हुए इस सीट पर सपा को कड़ी टक्कर दी थी और जीत दर्ज की थी, लेकिन इसके अलावा यह सीट लगातार सपा के पाले में ही रही है.

बीजेपी की रणनीति और डीपी यादव के परिवार का कनेक्शन

पिछले चुनाव में एनडीए गठबंधन की तरफ से चुनाव लड़ते हुए डी.के. भारद्वाज ने लगभग 65,000 वोट हासिल किए थे, जो इस सीट पर बीजेपी का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन माना जाता है.

डीपी यादव परिवार और टिकट के दावेदार

बीजेपी में डीपी यादव की सीधी एंट्री तो नहीं हो पाई है. लेकिन उनके परिवार से जुड़ी पूनम यादव (जो पूर्व एमएलसी भारत यादव की पत्नी और बदायूं की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं) को लेकर चर्चा है कि पार्टी उन्हें मैदान में उतार सकती है. इसके अलावा जितेंद्र यादव (पूर्व एमएलसी) की पत्नी और बीजेपी जिला उपाध्यक्ष अनुज माहेश्वरी भी संभावित उम्मीदवारों की रेस में शामिल हैं.

बसपा की चुनौती और मजबूत स्थिति

बहुजन समाज पार्टी (BSP) इस सीट पर लगातार मजबूत प्रदर्शन करती रही है और अक्सर दूसरे स्थान पर रही है. पिछली बार हाजी बिटन उर्फ मुसरत अली ने यहां से अच्छा प्रदर्शन किया था. लेकिन इस बार 2012 के बसपा उम्मीदवार और नगर पालिका के चेयरमैन मीर हादी अली उर्फ बाबर मियां को पार्टी का अधिकृत प्रभारी बनाया गया है जिससे उनका टिकट लगभग तय माना जा रहा है.

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