यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' में उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी आज की तीन बड़ी खबरों का विस्तार से विश्लेषण किया गया है. इस शो की पहली बड़ी खबर गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव से जुड़ी है जहां टिकट कटने से नाराज नेता संजयन त्रिपाठी ने बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. दूसरी बड़ी खबर इसी चुनाव के बीच बीजेपी के अपने ही एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के बागी तेवरों की है, जिन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा अधिकारियों पर शिक्षकों को डराने-धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है. वहीं तीसरी और अहम खबर निषाद पार्टी प्रमुख एवं कैबिनेट मंत्री संजय निषाद से जुड़ी है जिन्होंने मछुआ समुदाय को अनुसूचित जाति (SC) कोटे में आरक्षण देने की मांग को लेकर दिल्ली के मंच से बीजेपी सरकार को खुली चेतावनी दी है.
ADVERTISEMENT
गोरखपुर शिक्षक एमएलसी चुनाव: टिकट कटने से नाराज संजय त्रिपाठी ने थामा सपा का दामन
उत्तर प्रदेश में 23 अक्टूबर को होने वाले एमएलसी चुनावों (6 शिक्षक और 5 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र) से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. खास तौर पर गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के भीतर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है. यहां से बीजेपी टिकट के प्रबल दावेदार रहे संजयन त्रिपाठी को जब पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो वे काफी आहत नजर आए. उन्होंने अपनी गाड़ी से बीजेपी का झंडा तक हटा दिया. स्थिति का फायदा उठाते हुए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें तुरंत अपनी पार्टी में शामिल कर लिया और कमलेश यादव का टिकट काटकर संजयन त्रिपाठी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया जिससे इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है.
एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के बागी तेवर, अधिकारियों पर शिक्षकों को धमकाने का लगाया गंभीर आरोप
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी सीट पर बीजेपी की मुश्किलें केवल संजयन त्रिपाठी के जाने तक सीमित नहीं हैं बल्कि पार्टी के ही वरिष्ठ नेता और मौजूदा शिक्षक एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह भी बगावत के मूड में आ गए हैं. एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान मंच पर जगह न मिलने से आहत बताए जा रहे देवेंद्र प्रताप सिंह ने अब प्रशासनिक अमले पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने वीडियो और पत्र जारी कर आरोप लगाया है कि आजमगढ़, मऊ और बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षक (DSI) तथा अन्य अधिकारी वित्त विहीन (प्राइवेट) विद्यालयों के प्रबंधकों और शिक्षकों को लिखित रूप में मान्यता रद्द करने की धमकी देकर वोट डालने का दबाव बना रहे हैं. हालांकि बीजेपी प्रवक्ता ने इन दावों को खारिज करते हुए उन्हें पार्टी का वरिष्ठ और राष्ट्रवादी नेता बताया है. लेकिन पर्दे के पीछे के यह घटनाक्रम पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं.
संजय निषाद का आरक्षण पर आर-पार का ऐलान, बीजेपी को दी खुली चेतावनी
एमएलसी चुनावों की सुगबुगाहट के बीच पूर्वांचल की राजनीति में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के तेवर भी बागी नजर आ रहे हैं. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक विशाल रैली के दौरान उन्होंने अपनी जाति (निषाद, मल्लाह, केवट) को अनुसूचित जाति (SC) कोटे में शामिल करने की मांग को लेकर सरकार पर तीखा दबाव बनाया. उन्होंने मंच से खुलेआम चेतावनी दी कि यदि बीजेपी सरकार ने मछुआ समुदाय को उनका हक और आरक्षण नहीं दिया तो उन्हें चुनावी नतीजों में इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा. पूर्वांचल की कई सीटों पर मजबूत प्रभाव रखने वाले संजय निषाद के इन तेवरों से एनडीए खेमे में हलचल तेज हो गई है, खासकर तब जब सपा भी लगातार नए समीकरण साधने में जुटी है.
ये भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका, पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने दिया इस्तीफा
ADVERTISEMENT











