विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका, पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने दिया इस्तीफा
बदायूं की बिसौली सीट पर 2027 चुनाव से पहले बीजेपी को झटका लगा है. पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. आशुतोष मौर्य से जुड़ी सियासी चर्चाओं के बीच टिकट और राजनीतिक भविष्य के समीकरण बदल सकते हैं.
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उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की बिसौली विधानसभा सीट पर 2027 के चुनावों से ठीक पहले सियासी समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक दायित्वों से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस अचानक फैसले के पीछे पार्टी के भीतर राजनीतिक भविष्य और अपेक्षित सम्मान न मिलने की नाराजगी बताई जा रही है जिससे इलाके की राजनीति में हलचल मच गई है.
कुशाग्र सागर का इस्तीफा और नाराजगी की वजह
कुशाग्र सागर ने अपने इस्तीफे में बताया कि उन्होंने पिछले 11 सालों तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पार्टी के लिए काम किया. लेकिन उन्हें पार्टी में अपेक्षित सम्मान और अपनापन नहीं मिला जिससे उन्हें गहरी ठेस पहुंची है. फिलहाल उन्होंने किसी अन्य दल में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. उन्होंने साफ किया है कि वे अपने वफादार कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के बाद ही आगे की राजनीतिक दिशा पर कोई फैसला लेंगे.
आशुतोष मौर्य की एंट्री और सियासी एंगल
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के केंद्र में वर्तमान समीकरण और सपा विधायक आशुतोष मौर्य का एंगल बेहद अहम माना जा रहा है. फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान आशुतोष मौर्य ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ जाकर बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी. इस घटना के बाद से ही उनकी बीजेपी से नजदीकियों की चर्चाएं तेज हो गईं और अप्रैल 2024 में उनकी पत्नी और बहन भी विधिवत रूप से बीजेपी में शामिल हो गईं.
पुरानी हार और 2027 के समीकरण
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कुशाग्र सागर बीजेपी के टिकट पर बिसौली सीट से चुनावी मैदान में थे जहां उन्हें आशुतोष मौर्य के हाथों मात्र 1,834 वोटों के बेहद करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा था.
अब 2027 के आगामी चुनावों को देखते हुए आशुतोष मौर्य की बीजेपी से बढ़ती नजदीकियों और टिकट की संभावित दावेदारी को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं गर्म हैं. माना जा रहा है कि इन्हीं अंदरूनी समीकरणों और राजनीतिक भविष्य की सुगबुगाहट के चलते कुशाग्र सागर ने पार्टी से किनारा करने का यह बड़ा कदम उठाया है.
