पथरदेवा विधानसभा सीट पर क्या ब्रह्माशंकर त्रिपाठी को टिकट देंगे अखिलेश यादव?

रजत सिंह

• 04:42 PM • 21 Oct 2026

देवरिया की पथरदेवा सीट पर 2027 चुनाव में सूर्य प्रताप शाही और ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी के बीच मुकाबले पर नजरें टिकी हैं. जानिए बीजेपी-सपा के संभावित उम्मीदवार, राजनीतिक उत्तराधिकार और बसपा की रणनीति से जुड़े समीकरण.

Pathardeva Assembly Seat

Pathardeva Assembly Seat

Google CTA

उत्तर प्रदेश की राजनीति में देवरिया जिले की पथरदेवा विधानसभा सीट हमेशा से दो दिग्गजों के बीच की सियासी जंग के लिए जानी जाती रही है. योगी आदित्यनाथ सरकार में कृषि मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता सूर्य प्रताप शाही और उनके चिर-प्रतिद्वंद्वी व समाजवादी पार्टी के दिग्गज ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी के बीच की यह अदावत दशकों पुरानी है. दोनों नेताओं के बीच अब तक हुए मुकाबलों में आंकड़ों की टक्कर हमेशा बराबरी पर रही है. लेकिन आगामी चुनाव में उम्र के इस पड़ाव पर क्या पहली पीढ़ी मैदान में उतरेगी या फिर राजनीतिक उत्तराधिकारियों की एंट्री होगी, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा.

यह भी पढ़ें...

बीजेपी और सूर्य प्रताप शाही का गढ़ व संभावित दावेदारी

सूर्य प्रताप शाही का प्रभाव: पथरदेवा से पांच बार विधायक रह चुके सूर्य प्रताप शाही बीजेपी के पुराने और कद्दावर नेता हैं. संघ पृष्ठभूमि और कोर काडर से जुड़े होने के कारण उनका दावा बेहद मजबूत माना जाता है.

बदलाव और उत्तराधिकारी की चर्चा: उम्र और स्वास्थ्य संबंधी वजहों से यदि सूर्य प्रताप शाही चुनाव मैदान से दूरी बनाते हैं तो उनके बेटे सुब्रत शाही की राजनीतिक एंट्री की चर्चाएं जोरों पर हैं.

अन्य दावेदार: बीजेपी खेमे से नीरज वर्मा, युवा मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष जितेंद्र राव, संजय सिंह सैंथवार, सर्वेश्वर नाथ त्रिपाठी और अजय शाही जैसे चेहरे भी टिकट के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं. इसके अलावा एनडीए गठबंधन में शामिल सुभासपा (SBSP) के प्रदेश प्रवक्ता राघवेंद्र राम द्विवेदी के नाम की भी चर्चा है.

समाजवादी पार्टी और ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी की वापसी की आस

त्रिपाठी बनाम शाही मुकाबला: पथरदेवा (पूर्व में पडरौना) सीट पर जब भी चुनाव हुए, मुकाबला ज्यादातर शाही और त्रिपाठी परिवार के इर्द-गिर्द ही घूमता रहा है.

सपा के अन्य संभावित चेहरे: ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी के अलावा पूर्व मंत्री शाकिर अली के बेटे और पूर्व विधायक परवेज आलम, डॉ. विवेक पटेल और राम प्रकाश यादव भी समाजवादी पार्टी से टिकट की रेस में शामिल हैं. स्थानीय स्तर पर यह माना जा रहा है कि यदि सूर्य प्रताप शाही चुनाव लड़ते हैं तो सपा की तरफ से ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी ही उनके सबसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी होंगे.

बसपा की रणनीति और अन्य समीकरण

बसपा का दांव: बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने इस सीट पर अपनी तैयारी शुरू कर दी है और रामशरण सिंह सैंथवार को विधानसभा प्रभारी बनाया है, जिससे उनका टिकट लगभग तय माना जा रहा है.

एंटी-इन्कम्बेंसी और रोमांचक मुकाबला: पिछले 10 वर्षों से सत्ता और क्षेत्र में सक्रियता के कारण हल्की एंटी-इन्कम्बेंसी का सामना कर रहे सूर्य प्रताप शाही के सामने यदि ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी या उनके विकल्प उतरते हैं तो पथरदेवा का यह चुनाव काफी रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला हो सकता है.
 

ये भी पढ़ें: सहारनपुर में सपा-कांग्रेस की आपस की लड़ाई किसे पड़ेगी भारी? पत्रकारों से समझिए