Rahul Gandhi Detained News: राजधानी दिल्ली में मंगलवार 6 अक्टूबर की रात उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन के पास से हिरासत में ले लिया. सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में पुलिसकर्मी राहुल गांधी को बस के अंदर ले जाने की कोशिश करते दिखाई दिए. कई पुलिसकर्मी उन्हें अलग-अलग तरफ से खींच रहे थे, जबकि राहुल गांधी लगातार विरोध करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे. बस के अंदर ले जाए जाने के बाद भी उनका विरोध जारी रहा और वह खिड़की से बाहर लटकते नजर आए.
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राहुल और पुलिस के बीच खींचतान
राहुल गांधी को बस के अंदर पहुंचाने के लिए पुलिसकर्मी काफी जोर लगा रहे थे. बस के दरवाजे पर एक तरफ पुलिसकर्मी उन्हें अंदर की ओर धकेलते नजर आए, तो राहुल गांधी दूसरी तरफ पूरा जोर लगाकर आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखे. इसके बाद पुलिस ने उन्हें बस के भीतर ले जाने की कोशिश की. राहुल गांधी का विरोध लगातार जारी रहा और पुलिसकर्मी उन्हें अंदर खींचते नजर आए. इस दौरान उनके आसपास मौजूद समर्थक भी उन्हें संभालने और समर्थन देने की कोशिश करते दिखाई दिए.
बस में जाने के बाद भी नहीं रुका विरोध
राहुल गांधी को जब बस के अंदर ले जाया गया, तब भी स्थिति शांत नहीं हुई. तस्वीरों में वह बस की खिड़की से बाहर लटके दिखाई दिए. बस के अंदर मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें वापस अंदर खींचने की कोशिश करते नजर आए. वहीं बस के नीचे खड़े समर्थक भी लगातार आवाज लगाते रहे. वीडियो में लोगों की ओर से राहुल गांधी को अंदर रहने के लिए कहा जाता है, जबकि इसी दौरान एक आवाज में पैर छोड़ने के लिए भी कहा जाता सुनाई देता है. समर्थकों की ओर से राहुल गांधी के संघर्ष जारी रखने की बात भी कही गई.
SIR के विरोध में निकला था ‘सेफ डेमोक्रेसी मार्च’
दरअसल, 6 अक्टूबर को SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक के नेताओं और सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग कार्यालय तक ‘सेफ डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला था. इस दौरान प्रदर्शन की कई तस्वीरें सामने आईं. राहुल गांधी कभी बैरिकेडिंग पर चढ़कर तिरंगा लहराते दिखाई दिए तो कभी तिरंगे को लेकर पुलिसकर्मियों के साथ उनकी बहस और खींचतान की तस्वीरें सामने आईं. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी इस दौरान राहुल गांधी के साथ नजर आए.
अखिलेश यादव को भी किया गया था डिटेन
प्रदर्शन के दौरान दोपहर में अचानक अखिलेश यादव को पुलिस ने डिटेन कर लिया. बाद में उन्हें छोड़ दिया गया, जिसके बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए. दूसरी तरफ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए. दोनों करीब 8 घंटे से ज्यादा समय तक धरने पर बैठे रहे. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने की मांग पर अड़े रहे. इसके बाद देर शाम प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की कार्रवाई शुरू हुई.
रात करीब 8 बजे पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक रात करीब 8 बजे दिल्ली पुलिस वहां पहुंची. सबसे पहले राहुल गांधी के आसपास मौजूद लोगों और उनके समर्थकों को हटाया गया. इसके बाद कई पुलिसकर्मी राहुल गांधी को पकड़कर बस की ओर ले जाने लगे. इस दौरान राहुल गांधी लगातार विरोध करते रहे. तस्वीरों और वीडियो में कहीं पुलिसकर्मी उनका हाथ पकड़ते दिखाई दिए तो कहीं उन्हें खींचते और धक्का देते नजर आए. इसके बाद उन्हें बस के अंदर बैठाने की कोशिश की गई. राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया.
प्रियंका गांधी भी बस की खिड़की से बाहर दिखीं
राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी को भी पुलिस बस में ले गई. उन्हें बस में बैठाए जाने के दौरान वह भी खिड़की से बाहर लटकती नजर आईं. इस पूरी कार्रवाई के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ कई अन्य सांसदों और प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया. जानकारी के अनुसार कुल मिलाकर करीब 250 लोगों को हिरासत में लिया गया था. इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को किंग्स वे कैंप ले जाया गया.
करीब दो घंटे बाद हुई रिहाई
किंग्स वे कैंप ले जाए जाने के करीब दो घंटे बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को छोड़ दिया गया. बाहर आने के बाद राहुल गांधी जब अपनी गाड़ी में बैठे तो उन्होंने मीडिया के सामने संविधान की कॉपी दिखाई. इस तरह 6 अक्टूबर की पूरी रात राजधानी दिल्ली में सियासी हलचल बनी रही. एक तरफ अखिलेश यादव को डिटेन किया गया, तो दूसरी तरफ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया. अब पुलिस और राहुल गांधी के बीच हुई खींचतान की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में हैं और पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है.
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