Chandrashekhar Azad Letter to Civil Aviation Minister: उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने विमानन क्षेत्र (एविएशन सेक्टर) में क्रू सदस्यों के साथ हो रहे कथित भेदभाव का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया है. सांसद चंद्रशेखर आजाद 'रावण' ने इस गंभीर विषय को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू को एक आधिकारिक पत्र भेजा है. अपने पत्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के दौरान क्रू मेंबर्स को मिलने वाले मौकों और उनके आराम से जुड़े नियमों में पारदर्शिता लाने की मांग की है. चंद्रशेखर आजाद का आरोप है कि उड़ानों के आवंटन में कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है. इस मामले में उन्होंने केंद्रीय मंत्री से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है.
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ड्यूटी आवंटन में पक्षपात का आरोप
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने क्रू सदस्यों से जुड़ी इस संवेदनशील समस्या को लिखते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में ड्यूटी लगाने की मौजूदा व्यवस्था निष्पक्ष नहीं है. उन्होंने पत्र में सीधे तौर पर आरोप लगाया कि एयरलाइंस कंपनियों द्वारा कुछ खास और चुनिंदा कर्मचारियों को चयनात्मक तरीके से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. उनके मुताबिक सभी योग्य कर्मचारियों को आगे बढ़ने और विदेशों की उड़ानों में सेवा देने के एक समान अवसर नहीं मिल पा रहे हैं. इस तरह का रवैया विमानन क्षेत्र में बड़े स्तर पर चल रहे आंतरिक भेदभाव और असमानता को साफ तौर पर उजागर करता है.
यात्रियों की हवाई सुरक्षा से जुड़ा है मामला
अपने पत्र में चंद्रशेखर आजाद ने कर्मचारियों के आराम और हवाई सुरक्षा के मानकों के बीच के सीधे संबंध को भी बेहद बारीकी से समझाया. उन्होंने कहा कि क्रू सदस्यों की शारीरिक और मानसिक स्थिति सीधे तौर पर विमान में सफर कर रहे सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी होती है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत तय की गई 48 घंटे की अनिवार्य विश्राम अवधि (रेस्ट पीरियड) का लाभ सभी कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के समान रूप से दिया जाना चाहिए.
केंद्रीय मंत्री कड़े दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह
नगीना सांसद ने नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से इस पूरे घटनाक्रम का तुरंत संज्ञान में लेने की पुरजोर मांग की है. उन्होंने आग्रह किया है कि मंत्रालय इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था की गहराई से आवश्यक जांच करवाए, ताकि सभी योग्य क्रू सदस्यों को उनकी काबिलियत के आधार पर काम करने का न्यायसंगत मौका मिल सके. चंद्रशेखर आजाद ने केंद्रीय मंत्री से अपील की है कि वे इस संबंध में जल्द से जल्द एक निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों और एयरलाइंस कंपनियों को कड़े आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी करें.
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