मायावती बोलीं- ‘यूपी सरकार दूसरा विकास दुबे कांड कर सकती है?’ खूब सुनाई खरी-खोटी

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07 Mar 2023 (अपडेटेड: 07 Mar 2023, 11:23 AM)

UP Political News: राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद सूबे की राजनीति तेज हो गई है. उमेश पाल की…

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UP Political News: राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद सूबे की राजनीति तेज हो गई है. उमेश पाल की हत्या का आरोप पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद पर लगा है. इसके बाद से पुलिस-प्रशासन अतीक से जुड़े लोगों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है. अतीक के करीबियों के घर बुल्डोजर से ध्वस्त करने के साथ-साथ हत्याकांड के 2 आरोपियों का एनकाउंटर हो चुका है. वहीं, अतीक के परिवार आशंका जताते हुए कहा कि UPSTF अतीक और उसके भाई अशरफ का एनकाउंटर कर सकती है. इस बीच बसपा चीफ मायावती ने उमेश पाल की हत्या के बाद की गई यूपी सरकार की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं. मायावती ने कहा, ‘लोगों में यूपी में कानून के राज के प्रति भारी संदेह है कि क्या सरकार अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए दूसरा ’विकास दूबे काण्ड’ करेगी?’

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मायावती ने ट्वीट कर कही ये बातबसपा चीफ ने कहा, “प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकाण्ड के बाद इस सम्बंध में काफी आपाधापी में अब तक की गई पुलिस कार्रवाई जो जनता के सामने आई है, उससे लोगों में यूपी में कानून के राज के प्रति भारी संदेह है कि क्या सरकार अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए दूसरा ‘विकास दूबे कांड’ करेगी?”

क्या था विकास दुबे कांड?

कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र के बिकरू गांव में पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मियों पर उस समय घात लगाकर हमला किया गया, जब वे विकास दुबे को गिरफ्तार करने जा रहे थे. ये पुलिसकर्मी तीन जुलाई, 2020 की आधी रात के बाद बिकरू गांव के घरों की छतों से चली गोलियों की चपेट में आ गए थे. पुलिस ने दावा किया था कि विकास दुबे 10 जुलाई को उस वक्त एक मुठभेड़ में मारा गया था जब उसे उज्जैन से कानपुर ले जा रही पुलिस की एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी और उसने भागने की कोशिश की थी.

इसके अलावा मायावती ने कहा, “वैसे पुराने राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की दिन दहाड़े हुई हत्या को लेकर यूपी सरकार खासकर कानून व्यवस्था को लेकर काफी तनाव व दबाव में है, किन्तु पूरा देश देख रहा है कि क्या सरकार कानून द्वारा कानून के राज पर अमल करेगी या अपराधियों को सड़क पर समाप्त करके अपराध रोकेगी?”

गौरतलब है कि 24 फरवरी को धूमनगंज थाना क्षेत्र के जयंतीपुर में उमेश पाल और उसके एक सुरक्षाकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हमले में घायल एक दूसरे सुरक्षाकर्मी की बुधवार को लखनऊ के एसजीपीजीआई में मौत हो गई थी. इस हत्याकांड के बाद उमेश पाल की पत्नी ने पूर्व सांसद अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन और दो बेटों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस इस घटना को लेकर अतीक से जुड़े लोगों पर कार्यवाही कर रही है.