जाट, गुर्जर, त्यागी और मुस्लिम... बासित अली ने बता दिया भाजपा का 100 सीटों वाला फुल प्लान

यूपी तक

• 03:51 PM • 19 Aug 2026

2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने मुस्लिम मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है. नए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने कहा है कि पार्टी उत्तर प्रदेश की करीब 100 विधानसभा सीटों पर खास फोकस करेगी.

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BJP Minority Morcha: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है. बीजेपी के नए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने कहा है कि पार्टी यूपी की करीब 100 विधानसभा सीटों पर खास ध्यान देगी. इन सीटों पर मुस्लिमों के साथ-साथ राजपूत, गुर्जर, जाट और त्यागी मतदाताओं की भी अच्छी संख्या है.

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बासित अली पश्चिमी यूपी के मेरठ से आते हैं और इससे पहले यूपी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य मुस्लिम समुदाय और बीजेपी के बीच बनी दूरी को कम करना है. इसके लिए वह सरकार की योजनाओं का लाभ मुस्लिमों तक पहुंचने की बात लोगों के सामने रखेंगे.

मुस्लिम वोटरों को जोड़ने पर जोर

बासित अली ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक मुद्दे और सामाजिक समीकरण अलग होते हैं. इसलिए वह उन राज्यों के बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे, जहां आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं.

उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन राज्यों पर पूरा फोकस रहेगा, जहां विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. इन राज्यों में मुस्लिम समुदाय को बीजेपी से जोड़ने की रणनीति बनाई जाएगी.

पश्चिमी यूपी पर खास नजर

उत्तर प्रदेश को लेकर बासित अली ने कहा कि पार्टी करीब 100 ऐसी सीटों पर विशेष ध्यान देगी, जहां मुस्लिम और हिंदू राजपूत, गुर्जर, जाट और त्यागी मतदाताओं की बड़ी मौजूदगी है.

उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम राजपूतों की अच्छी संख्या है. यह इलाका उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश से जुड़ा हुआ है. जिन इलाकों में हिंदू राजपूतों की बड़ी आबादी है, वहां मुस्लिम राजपूत भी अच्छी संख्या में हैं.

बासित अली के मुताबिक, मुस्लिम गुर्जर, मुस्लिम जाट और मुस्लिम त्यागी मुख्य रूप से खेती से जुड़े हैं और जमीन से उनका मजबूत रिश्ता है. उनका दावा है कि ये समुदाय दूसरे समाजों के साथ आसानी से तालमेल बना सकते हैं.

उनके अनुसार, इन समुदायों का सामाजिक समीकरण करीब 100 विधानसभा सीटों के चुनावी नतीजों पर असर डालता है. इसलिए 2027 के चुनाव से पहले ये सीटें बीजेपी के लिए खास फोकस में रहेंगी.

'मुस्लिमों के बीच बीजेपी को लेकर गलतफहमी'

बासित अली ने आरोप लगाया कि मुस्लिमों के बीच बीजेपी को लेकर गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं. उन्होंने दावा किया कि देश की आबादी में मुस्लिमों की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत है, लेकिन बीजेपी सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों में उनकी हिस्सेदारी 30 से 40 प्रतिशत है.

उन्होंने कहा कि पार्टी इस बात को गरीब मुस्लिमों तक पहुंचाएगी और यह धारणा बदलने की कोशिश करेगी कि बीजेपी मुस्लिम विरोधी है. उनके मुताबिक, बीजेपी सरकार की योजनाओं से उन गरीब मुस्लिमों को फायदा मिला है, जो पहले सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते थे.

उन्होंने कुंदरकी और रामपुर जैसी मुस्लिम बहुल सीटों का उदाहरण भी दिया. बासित अली ने कहा कि इन इलाकों में बीजेपी लोगों को बताएगी कि सरकार ने मुफ्त अनाज और उज्ज्वला गैस कनेक्शन जैसी सुविधाओं का लाभ मुस्लिम परिवारों को भी दिया है.

उन्होंने दावा किया कि पिछले चुनावों में मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी के अभियानों का सकारात्मक असर दिखा. इसके उदाहरण के तौर पर उन्होंने कुंदरकी, संभल और रामपुर का जिक्र किया, जहां बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाताओं ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया.