जातिसूचक शब्द सुन भड़के कैब ड्राइवर ने यात्रियों को बीच रास्ते उतारा, Rapido ने किया सस्पेंड तो उसके सपोर्ट में आ गए आकाश आनंद

लखनऊ में जातिसूचक टिप्पणी के विरोध में चार रेलवे कर्मचारियों को कैब से उतारने वाले ड्राइवर अंकित कुमार का रैपिडो अकाउंट सस्पेंड हुआ. कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर विरोध और आकाश आनंद का समर्थन सामने आया.

Akash Anand in support of cab driver

Akash Anand in support of cab driver

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक कैब ड्राइवर द्वारा स्वाभिमान और सामाजिक सम्मान के लिए उठाई गई आवाज अब एक बड़े राष्ट्रीय विवाद का रूप ले चुकी है. कैब में बैठकर एक दलित अफसर के खिलाफ अमर्यादित और जातिसूचक टिप्पणियां कर रहे चार रेलवे कर्मचारियों को बीच रास्ते गाड़ी से उतारने वाले ड्राइवर अंकित कुमार का अकाउंट रैपिडो (Rapido) कंपनी ने 99 साल 11 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है.

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कंपनी की इस एकतरफा कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर #BoycottRapido और  #BanRapido जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं. वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय समन्यवक आकाश आनंद ने भी पीड़ित ड्राइवर अंकित कुमार के समर्थन में आकर कंपनी और सामाजिक व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं.

लखनऊ के उतरेठिया से शुरू हुआ पूरा विवाद

ये पूरी घटना लखनऊ की है. मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद नौकरी न मिलने के कारण अंकित कुमार रैपिडो कैब चलाकर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं. अंकित लखनऊ के उतरेठिया रेलवे स्टेशन से चारबाग रेलवे स्टेशन के लिए चार यात्रियों को लेकर जा रहे थे. ये चारों यात्री रेलवे कर्मचारी बताए जा रहे हैं.

आरोप है कि यात्रा के दौरान कार में बैठे कर्मचारी अपने ही एक वरिष्ठ दलित अधिकारी के खिलाफ अभद्र और जातिसूचक टिप्पणियां करने लगे. ड्राइवर अंकित ने यात्रियों से कहा कि वे व्यक्ति की काबिलियत पर बात करें, पूरी जाति को निशाना न बनाएं. बार-बार टोकने के बावजूद जब यात्री नहीं माने तो अंकित ने कार को तेलीबाग के पास रोक दिया और चारों कर्मचारियों को बीच रास्ते में गाड़ी से नीचे उतार दिया.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अंकित गुस्से में कर्मचारियों से कहते दिख रहे हैं 'आप मुझे जवाब दीजिए, आपने कैसे कहा कि ट्रिपल से बना दोगे तो क्या होगा? आप तय करने वाले कौन होते हैं कि कौन क्या बनेगा? उतरिए गाड़ी से नीचे... अभी नीचे उतरिए!'

रैपिडो ने बिना पक्ष सुने 99 साल के लिए किया सस्पेंड

घटना के बाद कंपनी ने बिना ड्राइवर का पक्ष सुने उसका अकाउंट 99 साल 11 महीने के लिए ब्लॉक कर दिया. इसके बाद अंकित कुमार ने अपना एक वीडियो जारी करते हुए कहा 'मैंने जिन लोगों को गाड़ी से उतारा, मेरा उनसे कोई व्यक्तिगत या जातीय विरोध नहीं था. वे एक पूरी जाति को टारगेट करके अपशब्द बोल रहे थे. इसलिए मैंने उन्हें टोका. मुझे दुख इस बात का है कि रैपिडो कंपनी ने एक बार भी मेरा पक्ष नहीं पूछा और सीधे मेरा अकाउंट सस्पेंड कर दिया. जो छप्पर आज जल रहा है, कल हवा का रुख आपकी तरफ भी हो सकता है.'

आकाश आनंद ने उठाया सवाल

बसपा नेता आकाश आनंद ने ड्राइवर अंकित की स्टोरी को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए रैपिडो और आरएसएस (RSS) प्रमुख मोहन भागवत पर कड़ा हमला बोला. आकाश आनंद ने लिखा 'अंकित ने अपनी गरिमा और समाज के सम्मान के लिए आवाज उठाई. लेकिन बदले में रैपिडो ने उसकी रोजी-रोटी छीन ली. रैपिडो जैसी कंपनियां उसी जातिवादी मानसिकता से ग्रसित हैं जिससे हम एक सदी से लड़ रहे हैं.'

उन्होंने आगे कहा 'आरक्षण खत्म करने पर अपनी राय रखने वाले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जी को अंकित जैसे करोड़ों दलितों के सवाल का जवाब देना चाहिए. आजादी के 80 साल बाद भी जातिवाद की जड़ें मजबूत हैं जिसे खत्म करने के लिए आरक्षण सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा जरिया है.' आकाश आनंद ने स्पष्ट किया कि बसपा सुप्रीमो मायावती का साफ संदेश है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान का सम्मान किया जाए और संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति न की जाए.

रैपिडो की इस कार्रवाई के बाद से इंटरनेट पर लोग कैब एग्रीगेटर कंपनी की कार्यशैली की कड़ी आलोचना कर रहे हैं और अंकित के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं.