UP Politics News: उत्तर प्रदेश में आज योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार होने जा रहा है. अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी इस विस्तार के जरिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की तैयारी में है. माना जा रहा है कि इस बार मंत्रिमंडल में छह नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा कुछ मौजूदा राज्यमंत्रियों को प्रमोशन देकर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और तीन नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है.
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मनोज पांडे का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक और सपा के बागी नेता मनोज पांडे के नाम की हो रही है. मनोज पांडे पहले समाजवादी पार्टी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बीजेपी का समर्थन किया था. बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के समय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मनोज पांडे और उनके परिवार से मुलाकात की थी. तभी से यह माना जा रहा था कि उन्हें बीजेपी या सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. सूत्रों के मुताबिक मनोज पांडे शनिवार शाम लखनऊ स्थित आवास पहुंचे थे और उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की. हालांकि रात करीब 10 बजे वह वापस रायबरेली लौट गए. माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण से पहले वह पूजा-पाठ कर दोपहर तक फिर लखनऊ पहुंच सकते हैं.
छह नए मंत्रियों को मिल सकती है जगह
वर्तमान में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कुल 54 मंत्री हैं. नियमों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं. ऐसे में छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है.
इन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा
मंत्रिमंडल विस्तार में भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय, हंसराज विश्वकर्मा, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर और कैलाश राजपूत के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए इन चेहरों को मौका दे सकती है.फिलहाल पूरे प्रदेश की नजरें आज होने वाले शपथ ग्रहण समारोह और योगी सरकार के नए मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हुई हैं.
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