IAS दिव्या मित्तल के समर्थन में उतरी कांग्रेस, अजय राय ने पत्र लिखकर राज्यपाल से की ये खास मांग!

आशीष श्रीवास्तव

01 Sep 2026 (अपडेटेड: 01 Sep 2026, 10:16 AM)

उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के करीब 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा देने का मामला अब सियासी मुद्दा बन गया है. दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की जानकारी सार्वजनिक की थी.

Ajay Rai On IAS Divya Mittal Resign

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Ajay Rai On IAS Divya Mittal Resign: उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के करीब 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा देने का मामला अब सियासी मुद्दा बन गया है. दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की जानकारी सार्वजनिक की थी. इसके बाद कांग्रेस ने इस मामले को लेकर योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र भेजकर प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मान और उनकी स्वतंत्र कार्यप्रणाली की रक्षा करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सक्षम और ईमानदार अधिकारियों को सम्मान के साथ काम करने का माहौल मिलना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के भरोसे के लिए जरूरी है.

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अजय राय ने राज्यपाल को लिखा पत्र

अजय राय ने अपने पत्र में दिव्या मित्तल के करियर और उनके इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई की थी. उन्होंने विदेश की नौकरी छोड़कर देश सेवा का रास्ता चुना था. कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, दिव्या मित्तल को फील्ड की जिम्मेदारी से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी. अजय राय ने सवाल उठाया कि ऐसी अधिकारी को उनकी योग्यता और अनुभव के मुताबिक काम करने का अवसर नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने सेवा छोड़ने का फैसला किया.

13 IAS अधिकारियों के इस्तीफे का भी उठाया मुद्दा

अजय राय ने अपने पत्र में वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक 13 आईएएस अधिकारियों के इस्तीफा देने या वीआरएस लेने का भी जिक्र किया. उन्होंने इसे गंभीर आत्ममंथन का विषय बताया. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अगर योग्य और ईमानदार अधिकारी अपनी क्षमता और अनुभव के अनुसार सम्मानपूर्वक काम नहीं कर पा रहे हैं, तो इससे कनिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर पड़ने वाले दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने राज्यपाल से इस मामले को केंद्र सरकार के सामने उठाने की अपील की, ताकि प्रशासनिक अधिकारियों का मनोबल कमजोर न हो.

गोरखपुर की घटना का भी पत्र में जिक्र

अजय राय ने राज्यपाल को लिखे पत्र में गोरखपुर की व्यवस्थाओं और एक वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया. उन्होंने एक सांसद के विवादित बयान और उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हंसने की घटना का हवाला देते हुए इसे जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता की कमी बताया. कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होने वाला व्यवहार कनिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी असर डालता है. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से काम करने का वातावरण मिलना जरूरी है.

दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर कांग्रेस का हमला

दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने भी सरकार पर निशाना साधा है. यूपी कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने आरोप लगाया कि योगी सरकार में ईमानदार और दूरदर्शी अधिकारियों को अपमानित किया जा रहा है. उनका आरोप है कि अमानवीय दबाव के कारण अधिकारी घुटन महसूस कर रहे हैं. कांग्रेस की ओर से इस पूरे मामले को प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों के मनोबल से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं.

बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर किया पलटवार

कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी की ओर से भी जवाब सामने आया है. यूपी बीजेपी प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि दिव्या मित्तल ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद यह फैसला लिया. उन्होंने अधिकारी पर आत्ममुग्धता और पब्लिसिटी पाने की चाहत गहरी होने का आरोप लगाया. इस तरह दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.