बदल जाएगा महराजगंज का गणित! अमरमणि त्रिपाठी ने किया चुनाव लड़ने का ऐलान, कौनसी पार्टी देगी टिकट?

रजत सिंह

• 07:54 PM • 31 Aug 2026

UP Political News: अमरमणि त्रिपाठी ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि नौतनवा से उनका बेटा चुनाव लड़ेगा. जानिए त्रिपाठी परिवार की सियासत और चुनावी प्लान.

Amarmani Tripathi

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UP Political News: पूर्वांचल की राजनीति में त्रिपाठी परिवार एक बार फिर चर्चा में है. महाराजगंज के नौतनवा से जुड़े अमरमणि त्रिपाठी ने मंच से आगामी चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि वह फरेंदा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जबकि नौतनवा से उनके बेटे अमनमणि चुनाव लड़ेंगे. इस ऐलान के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगा है कि त्रिपाठी परिवार किस पार्टी के साथ चुनावी मैदान में उतरेगा?

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अमरमणि त्रिपाठी ने कहा, "फरेंदा से एमएलए तो मैं लडूंगा और नौतनवा से हमारा लड़का लड़ेगा." उन्होंने नौतनवा में हुए विकास कार्यों को लेकर भी अपनी बात रखी. उनका दावा है कि अब कोई घर ऐसा नहीं बचा जहां पक्का मकान नहीं है.

अमनमणि के राजनीतिक सफर का भी जिक्र

अमरमणि ने कहा कि अब उनका लड़का इस राजनीतिक लाइन को आगे बढ़ाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि अमनमणि लंबे समय तक विधायक रहे हैं और उन्हें जनता का समर्थन मिला है.

अमरमणि त्रिपाठी ने अपने बेटे अमनमणि त्रिपाठी के चुनावी सफर का भी जिक्र किया. साल 2012 में अमनमणि को समाजवादी पार्टी से नौतनवा सीट से टिकट मिला था, लेकिन वह चुनाव हार गए. 2017 में सपा से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इसके बाद वह बसपा में गए और बसपा से चुनाव लड़ा, लेकिन बाद में पार्टी से बाहर कर दिए गए और चुनाव हार गए. इसके बाद कांग्रेस में जाने की बात सामने आई. 2024 से पहले कांग्रेस में शामिल होने और लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा भी हुई.

कैसा है अमरमणि त्रिपाठी का राजनीतिक सफर?

अमरमणि त्रिपाठी के राजनीतिक सफर की शुरुआत 1985 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने से हुई थी. हालांकि वह चुनाव हार गए. इसके बाद 1989 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लक्ष्मीपुर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. 1996 में भी कांग्रेस से चुनाव जीते. बाद में वह लोकतांत्रिक कांग्रेस में चले गए. पार्टी में टूट के बाद एक धड़ा बीजेपी के समर्थन में गया और बीजेपी की सरकार बनी. इस दौरान अमरमणि त्रिपाठी मंत्री भी बने.

इसके बाद 2002 में उन्होंने बसपा के टिकट पर चुनाव जीता और मायावती सरकार में मंत्री बने. 2007 में उन्होंने जेल से समाजवादी पार्टी के टिकट पर नौतनवा से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.

किस पार्टी से लड़ेंगे चुनाव?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि त्रिपाठी परिवार किस पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरेगा. यह अभी तय नहीं है कि अमरमणि और अमनमणि किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे. चर्चा है कि बीजेपी सीधे टिकट देने के बजाय अपने किसी सहयोगी दल के जरिए सीट को लेकर रास्ता बना सकती है. इसके अलावा बसपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के विकल्पों की भी चर्चा हो रही है.

पिछले चुनाव में अमनमणि को हार मिली थी और वह तीसरे नंबर पर रहे थे. इसके बावजूद उनके खाते में 46 हजार से अधिक वोट बताए गए हैं. इसी को उनके इलाके में प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है.

'लाइन हर जगह लगी हुई है'

दावा है कि त्रिपाठी परिवार के लिए अलग-अलग जगहों पर टिकट की कोशिशें चल रही हैं. ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि परिवार किस पार्टी का साथ लेता है और कौन सी पार्टी उसे चुनावी मैदान में उतारती है. 

यहां देखें वीडियो 

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