आरक्षण हटाने के सवाल पर क्या बोले केशव प्रसाद मौर्य? यूपी Tak के मंच से दिया बड़ा बयान

यूपी तक

31 Aug 2026 (अपडेटेड: 31 Aug 2026, 05:45 PM)

प्रयागराज में आयोजित विकसित यूपी बैठक में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा रही है और न ही ऐसा कुछ होने वाला है.

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Viksit UP Bethak: आरक्षण को लेकर चल रही बहस के बीच उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बड़ा बयान दिया है. प्रयागराज में आयोजित विकसित यूपी बैठक में यूपी Tak के मंच से आरक्षण के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि आरक्षण में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा रही है और न ही ऐसा कुछ होने वाला है.

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केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जब तक आरक्षण की जरूरत होगी, तब तक आरक्षण रहेगा. उन्होंने कहा कि आरक्षण से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हो रही है. उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की 50 फीसदी सीमा तय की थी और सामान्य वर्ग के गरीब लोगों के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अलग से 10 फीसदी आरक्षण देने का काम किया है.

'आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं होने वाली'

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आरक्षण को लेकर जो व्यवस्था बनाई गई है, उसमें फिलहाल किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, “आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं हो रही है, न होने वाली है.”

आरक्षण खत्म किए जाने के नैरेटिव पर भी उन्होंने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग मुद्दों को लेकर आंदोलन होते रहते हैं और आंदोलन करना लोगों का संवैधानिक अधिकार है.

'आंदोलन करना संवैधानिक अधिकार'

डिप्टी सीएम ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में अलग-अलग मुद्दों पर आंदोलन होते रहते हैं. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना लोकतंत्र का हिस्सा है और सरकार को अपनी बात बताने का अधिकार हर किसी को है.

हालांकि, उन्होंने आंदोलन की आड़ में हिंसा किए जाने को लेकर चेतावनी भी दी. केशव मौर्य ने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल या संगठन आंदोलन की आड़ में हिंसा करता है तो हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

NEET मामले का भी किया जिक्र

केशव प्रसाद मौर्य ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर हुए छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस आंदोलन में शामिल छात्र देश के सभी परिवारों के बच्चे हैं और उनके प्रति सरकार की अच्छी भावना है.

उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुना और इस दिशा में बड़े कदम उठाए गए. उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने की बात का भी जिक्र किया और कहा कि आने वाली पीढ़ी की मांग पद से बड़ी है. 

'शांतिपूर्ण आंदोलन करें, मांग पत्र दें'

केशव मौर्य ने कहा कि सरकार छात्र आंदोलनों के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि जिसे किसी मुद्दे को लेकर आंदोलन करना है, वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखे और अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की यही खूबी है कि देश में आंदोलन होते हैं और आगे भी होते रहेंगे, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा करने की कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

2027 में फिर सरकार बनाने का दावा

केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में आगामी चुनाव को लेकर भी भरोसा जताया. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के साथ समाज के अलग-अलग वर्गों का समर्थन है.

उन्होंने कहा कि “जिसे Gen Z कहते हैं, वह भी हमारे साथ है, आधी आबादी महिलाएं भी हमारे साथ हैं, अन्नदाता किसान भी हमारे साथ हैं और गरीब आदमी भी हमारे साथ है.”

डिप्टी सीएम ने कहा कि उनकी सरकार इन चारों वर्गों को मजबूत करने का काम कर रही है और उन्हें भरोसा है कि जनता के बीच जाने पर सरकार को फिर समर्थन मिलेगा.
 

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