लोकतंत्र सैनानी से 3 बार MLA बनने तक... कौन थे सपा के घोसी विधायक सुधाकर सिंह, ये है उनकी पूरी कहानी

यूपी तक

20 Nov 2025 (अपडेटेड: 20 Nov 2025, 09:45 AM)

Ghosi MLA Sudhakar Singh Death News: साल 2023 में घोसी विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के कद्दावर नेता दारा सिंह चौहान को हराकर चर्चा में आए सपा नेता सुधाकर सिंह का निधन हो गया है. मेदांता अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली. ये है उनकी पूरी कहानी.

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Ghosi MLA Sudhakar Singh Death News: साल 2023 में घोसी विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के कद्दावर नेता दारा सिंह चौहान को कड़ी शिकस्त देकर सुर्खियों में आए सपा विधायक सुधाकर सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे. यूपी के सियासी गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है. बताया जा रहा है कि उन्हें दो दिन पहले सीने में दर्द की शिकायत पर लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार को उन्होंने इलाज के दौरान आखिरी सांस ली. सियासत में अपनी सादगी और जमीन से जुड़े नेता के रूप में पहचाने जाने वाले सुधाकर सिंह के निधन ने पूर्वांचल की राजनीति को गहरा झटका दिया है. कौन थे सुधाकर सिंह, क्या है उनकी पूरी कहानी? आइए खबर में आपको विस्तार से बताते हैं. 

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कौन थे सपा विधायक सुधाकर सिंह?

यूपी विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, सुधाकर सिंह का जन्म 11 नवंबर 1958 को घोसी में हुआ था. वह धर्म से हिन्दू और जाति से राजपूत थे. उनके पिता का नाम कुलदीप सिंह था. उन्होंने स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) तक शिक्षा प्राप्त की थी. उनका शादी 12 मई 1979 को चिंता देवी से हुई थी. उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं. 

क्या था सुधाकर सिंह का व्यवसाय?

सुधाकर सिंह का मुख्य व्यवसाय कृषि था. सुधाकर सिंह का स्थाई पता मऊ जिले के घोसी स्थित दादनपुर अहिरौली में है. सुधाकर सिंह डॉ. राम मनोहर लोहिया अम्‍बेडकर शिक्षा संस्‍थान कौड़ीपुर दुबारी के प्रबंधक (2012-2023) भी रहे. उनकी विशेष अभिरुचि समाज सेवा, जरूरतमंदों की सेवा करना, यात्रा करना और पुस्‍तकें पढ़ना थी. 

कैसा था सुधाकर सिंह का राजनीतिक सफर 

सुधाकर सिंह का राजनीतिक करियर तीन विधानसभा अवधियों तक फैला रहा:

  1. पहली बार निर्वाचन: वह सितंबर 1996 में तेरहवीं विधान सभा में सदस्य के रूप में पहली बार निर्वाचित हुए.
  2. दूसरी बार निर्वाचन: इसके बाद वह मार्च 2012 से 2017 तक सोलहवीं विधान सभा के सदस्य रहे. इस दौरान (2012-2017) वह प्राक्कलन समिति के सदस्य भी रहे. 
  3. तीसरी बार निर्वाचन: हाल ही में वह सितंबर 2023 में अट्ठारहवीं विधान सभा के उप चुनाव में सदस्य के रूप में तीसरी बार निर्वाचित हुए थे. 

सुधाकर सिंह लोकतंत्र सेनानी भी थे. वह जिला कारागार आजमगढ़ में बंदी रहे थे और उन्हें 20000 की राजनीतिक पेंशन भी मिलती थी. सुधाकर सिंह का अचानक चले जाना सपा के लिए एक गहरा झटका है. सपा ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताया है.