अरविंद केजरीवाल की क्लीन चिट पर अखिलेश यादव का बड़ा प्रहार, बोले- 'यह भाजपा के लिए नैतिक मृत्युदंड'

UP News: दिल्ली कोर्ट ने शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को किया बरी. अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- यह भाजपा के लिए नैतिक मृत्युदंड है.

Photo: Arvind Kejriwal and Akhilesh Yadav

यूपी तक

27 Feb 2026 (अपडेटेड: 27 Feb 2026, 02:24 PM)

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दिल्ली की एक अदालत द्वारा कथित शराब नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित 21 लोगों को बरी किए जाने के बाद सियासत गरमा गई है. इस फैसले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर करारा हमला बोला है.  इस फैसले के बाद अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

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अखिलेश यादव बोले- 'सत्य की जीत हुई'

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि आज अरविंद केजरीवाल के साथ सत्य और न्याय दोनों खड़े हैं, उन्होंने कहा, "आज दिल्ली के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी के साथ सत्य और न्याय दोनों खड़े हैं. आरोप कभी इतना बड़ा नहीं हो सकता कि वो सच को आच्छादित कर ले. आज हर ईमानदार आशा भरी सांस लेगा और भाजपा के समर्थक शर्म के मारे घोर आत्म-लज्जित हो रहे होंगे. भाजपा ने दिल्ली के निवासियों से विश्वासघात किया है. 

जो कपटजीवी सनातनी शंकराचार्य जी, साधु, संतों, संन्यासियों तक पर झूठे आरोप लगाने का महापाप करते हैं, वो भला किसी सरकार, दल या किसी व्यक्ति को बदनाम करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसकी कल्पना कोई शरीफ़ आदमी कर ही नहीं सकता है.

आज़ादी से पहले, वर्तमान सत्ता के जो ‘संगी-साथी’ देश के दुश्मनों से मिले हुए थे और स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी के फंदों तक पहुँचाने के लिए, आजादी के दीवानों के ख़िलाफ़ मुख़बिरी जिनका काम रहा है और जो देश को गुलाम बनानेवाले साम्राज्यवादियों के माफ़ी-वज़ीफ़े पर रहकर अपनी भूमिगत भूमिका निभाते रहे हैं, छल-छलावे के वो विचारवंशी भाजपाई, आज किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं बचे हैं.  भाजपा के लिए ये समाचार किसी ‘नैतिक मृत्युदंड’ से कम नहीं है."

कोर्ट की सीबीआई को कड़ी फटकार

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया और जांच में कई खामियां गिनाईं. अदालत ने कहा कि सीबीआई ने केवल अनुमानों के आधार पर साजिश की कहानी गढ़ी, जो न्यायिक समीक्षा में टिक नहीं सकी. 

केजरीवाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला और उन्हें बिना किसी प्रमाण के फंसाया गया। वहीं सिसोदिया के पास से भी कोई रिकवरी नहीं हुई. कोर्ट ने आरोपियों को सरकारी गवाह बनाकर जांच के गैप भरने की सीबीआई की कार्यप्रणाली को असंवैधानिक बताया.

केजरीवाल हुए भावुक, बोले- 'हम कट्टर ईमानदार हैं'

बरी होने की खबर सुनते ही अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश थी. केजरीवाल ने कहा, "अदालत ने साबित कर दिया है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आप (AAP) कट्टर ईमानदार हैं." गौरतलब है कि इस मामले में केजरीवाल 6 महीने और सिसोदिया 2 साल जेल में रहे थे. 

सीबीआई करेगी अपील

इधर, सीबीआई प्रवक्ता ने कहा है कि जांच एजेंसी इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में तुरंत अपील करेगी. एजेंसी का मानना है कि जांच के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को कोर्ट ने नजरअंदाज किया है.