UP News: यूपी Tak का खास शो आज का यूपी राज्य की राजनीतिक और सामाजिक हलचलों का सबसे सटीक विश्लेषण पेश करता है. आज के अंक में हम राज्य की 2 बड़ी खबरों पर विस्तार से चर्चा करेंगे. पहली खबर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के के विद्या मठ के भीतर के 'रहस्यों' और उन पर लग रहे संगीन आरोपों के इर्द-गिर्द घूमती है और दूसरी खबर मेरठ से है जहां भाजपा के गढ़ में व्यापारियों ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी के झंडे बुलंद कर दिए हैं.
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मठ का रहस्य और सखियों का तंत्र, क्या है ये मामला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि चारित्रिक आरोपों से भी घिरे हैं. उनके विरोधी, विशेषकर आशुतोष महाराज उन पर मठ को मायावी तरीके से चलाने का आरोप लगा रहे हैं. चर्चा है कि मठ में सखियों का एक खास तंत्र है जो पूरे प्रशासन को नियंत्रित करता है.
शंकराचार्य ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि आशुतोष महाराज पुलिस के परमानेंट प्रवक्ता बन गए हैं. वहीं, मठ के भीतर मीडिया की नो-एंट्री पर उन्होंने सफाई दी कि वहां छोटे बच्चे पढ़ते हैं और सुरक्षा कारणों से वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं दी जा सकती. उन्होंने स्विमिंग पूल और शीश महल जैसे आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि शीशे लगे होने का मतलब पारदर्शिता है, रहस्य नहीं.
मेरठ में साइकिल की रफ्तार, भाजपा के गढ़ में सपा के झंडे
मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में एक अजीबोगरीब राजनीतिक स्थिति पैदा हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यहां करीब 900 दुकानों के ध्वस्तीकरण की तलवार लटक रही है. यह इलाका पारंपरिक रूप से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है और यहां के व्यापारी भाजपा के कट्टर समर्थक रहे हैं.
लेकिन जब सरकार से कोई राहत नहीं मिली, तो नाराज व्यापारियों ने अपनी दुकानों पर समाजवादी पार्टी के झंडे लगा दिए. भगवा गढ़ में लाल-हरे झंडे देखकर भाजपा नेताओं के हाथ-पांव फूल गए. मौके पर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच हल्की भिड़ंत भी हुई और पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया. व्यापारियों का यह कदम सीधे तौर पर सत्ता पक्ष के खिलाफ उनके जबरदस्त गुस्से को जाहिर कर रहा है.
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