जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए प्रोटेस्ट को लेकर समाजवादी पार्टी के सबसे युवा सांसदों में से एक पुष्पेंद्र सरोज ने बड़ा बयान दिया है. यूपी Tak से खास बातचीच में सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर अमानवीय बर्बरता की. उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी बेटियों के कपड़े फटे थे, छात्रों को घसीट-घसीट कर हिरासत में लिया गया और पुलिस वाले नुकीली लकड़ियों व लाठियों से हमला कर रहे थे.
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पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि सरकार भले ही छात्रों को डराने की कोशिश कर रही हो. लेकिन भारत का युवा (GenZ) अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर चुका है और 2027 के चुनाव में सरकार को इसका जवाब मिलेगा.
'पुलिस वालों ने सांसदों और बेटियों को नहीं बख्शा'
सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम का आंखों देखा हाल बताते हुए कहा कि जब समाजवादी पार्टी के सांसद छात्रों का समर्थन करने और जंतर-मंतर जाने के लिए आगे बढ़े तो पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी. उन्होंने कहा 'जब हमने बैरिकेड्स पार किए तो सबसे पहले खून से लथपथ युवा मिले. पुलिस सीधे सिर को टारगेट कर रही थी. वहां कई छात्राएं मिलीं जिनके कपड़े फटे हुए थे और उन्हें चोटें आई थीं.'
नेम प्लेट हटाकर कार्रवाई
सपा सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी अपनी नेम प्लेट हटाकर और बिना पहचान के लाठियां चला रहे थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि भीड़ में कुछ प्लांटेड लोग भी शामिल थे. पुष्पेंद्र सरोज ने बताया कि उनके कपड़ों के बटन फाड़ दिए गए और सांसद डिंपल यादव सहित अन्य सांसदों के साथ भी पुलिस ने धक्का-मुक्की की.
'डिंपल यादव ने मां के भाव से संभाला'
सांसद डिंपल यादव के जंतर-मंतर पहुंचने और वायरल तस्वीरों पर बोलते हुए पुष्पेंद्र सरोज ने बताया कि डिंपल यादव ने छात्रों के बीच जाकर एक नेता ही नहीं बल्कि मां की तरह उनकी देखभाल की.
'डिंपल जी ने पहले ही तय कर लिया था कि वह छात्रों के बीच जाएंगी. जब पुलिस स्टेशन में घायल छात्रों को लाया जा रहा था तब डिंपल जी खुद उठीं, छात्रों को पानी दिया, फर्स्ट-एड किट से उनकी मरहम-पट्टी की और उनका हौसला बढ़ाया.'
इंटरव्यू के दौरान GenZ स्लैंग्स का जिक्र करते हुए पुष्पेंद्र सरोज ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों को आतंकवादी या उपद्रवी बताने की कोशिश कर रही थी. लेकिन जैसे ही सरकार झुकी और मांगे मानी गईं, 3 घंटे के भीतर छात्रों ने शांतिपूर्वक सड़कें खाली कर दीं.
सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने GenZ अंदाज में कहा "You have no Rizz, your Aura is cooked and you are in Delulu that the people of India are still with you." (अर्थात: सरकार का प्रभाव खत्म हो चुका है, उसका औरा खत्म है और वह इस गलतफहमी/डेलुलू में है कि देश की जनता और युवा आज भी उनके साथ हैं.)
2027 में युवाओं का आक्रोश बनेगा मुद्दा
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर बात करते हुए पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले 60% से 70% छात्र यूपी और बिहार से थे. उन्होंने कहा कि छात्रों का यह गुस्सा 2027 के चुनावों में दिखेगा. इसके अलावा उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी खबरों पर बोलते हुए कहा कि भाजपा ने धर्म के नाम पर लूट मचाई है और 2027 में उन्हें युवाओं के आक्रोश के साथ-साथ इस महापाप का फल भी झेलना पड़ेगा.
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