UP Rajya Sabha Election: लखनऊ में अक्टूबर-नवंबर के दौरान त्योहारों के साथ यूपी की राजनीति में भी हलचल बढ़ने वाली है. अगले दो महीनों में यूपी कोटे की राज्यसभा की 10 और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव और चयन की प्रक्रिया होनी है. सबसे ज्यादा नजर राज्यसभा की उस 10वीं सीट पर रहेगी, जहां दूसरी वरीयता के वोट अहम हो सकते हैं.
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यूपी कोटे की राज्यसभा की 10 सीटों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है. इनमें भाजपा की 8, समाजवादी पार्टी की 1 और बहुजन समाज पार्टी की 1 सीट शामिल है. भाजपा के सदस्यों में पूर्व डीजीपी बृजलाल, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, गीता शाक्य, हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और बीएल वर्मा शामिल हैं.
डॉ. दिनेश शर्मा का कार्यकाल भी 25 नवंबर तक था, लेकिन अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल बनने के बाद उनके इस्तीफे से उनकी सीट पर भी चुनाव होना है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है.
29 सितंबर को जारी होगी अधिसूचना
चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्यसभा चुनाव के लिए अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी. उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे. नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद 16 अक्टूबर को मतदान होगा. इसी दिन वोटों की गिनती भी की जाएगी.
बसपा राज्यसभा से गायब?
यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं. पिछले एक साल में 6 विधायकों के निधन के बाद मौजूदा संख्या 397 है. मौजूदा गणित के मुताबिक राज्यसभा की एक सीट के लिए करीब 37 विधायकों के वोट जरूरी होंगे.
विधानसभा में बसपा की संख्या अब शून्य है. रामजी गौतम का कार्यकाल खत्म होने के बाद राज्यसभा में भी बसपा की संख्या शून्य हो जाएगी. पार्टी के पास राज्यसभा में भी कोई सीट नहीं बचेगी.
राज्यसभा की 10 सीटों के साथ विधान परिषद की 11 सीटों पर भी चेहरों का फैसला होना है. यही वजह है कि आने वाले हफ्तों में पार्टियों के भीतर टिकट, उम्मीदवार और समर्थन को लेकर बातचीत और तेज हो सकती है.
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