क्या इटावा की भरथना से चुनाव लड़ेंगे रामशंकर कठेरिया? जानिए सपा और बीजेपी के सियासी गणित

रजत सिंह

• 12:40 PM • 30 Oct 2026

इटावा की भरथना सीट पर 2027 चुनाव से पहले टिकट की जंग तेज हो गई है. सपा के मौजूदा विधायक को चुनौती देने कौन तैयार है? बीजेपी से रामशंकर कठेरिया समेत किन दिग्गजों के नाम चर्चा में हैं? जानिए पूरा सियासी गणित.

Bharthana Seat

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मुलायम सिंह यादव परिवार के सियासी गढ़ माने जाने वाले इटावा जिले की भरथना (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2027 के चुनावों को लेकर अभी से हलचल तेज हो गई है. 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने बीएसपी से आए राघवेंद्र गौतम पर दांव खेलकर यह सीट बीजेपी से छीनी थी. आगामी चुनाव में अब जहां सपा के भीतर मौजूदा विधायक बनाम पूर्व विधायकों के परिजनों की दावेदारी की चर्चा है. वहीं बीजेपी की तरफ से पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद रामशंकर कठेरिया और उनकी पत्नी मृदुला कठेरिया का नाम जोरों पर है. जानिए इस सुरक्षित सीट पर दलित, ओबीसी और सवर्ण वोटों के ताने-बाने के बीच कौन-कौन से दिग्गज नेता टिकट की रेस में ताल ठोक रहे हैं.

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मौजूदा विधायक को चुनौती या नए चेहरे पर दांव?

बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और कद्दावर दलित नेता राघवेंद्र गौतम ने 2022 में सपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी. पूर्व विधायक सुखदेवी वर्मा और पूर्व विधायक गया प्रसाद वर्मा के बेटे सुशांत वर्मा भी टिकट की रेस में मजबूती से उभरे हैं. स्थानीय राजनीति में उनके परिवार के प्रभाव को देखते हुए उनके नाम की काफी चर्चा है. सपा के सामने चुनौती यह है कि वह अपने मौजूदा दलित-ओबीसी समीकरण को बनाए रखने के लिए किसे मैदान में उतारती है.

भारतीय जनता पार्टी: हैवीवेट चेहरों की दावेदारी और पूर्व सांसद का दबदबा

इटावा से सांसद रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया इस बार खुद या अपनी पत्नी मृदुला कठेरिया के लिए बीजेपी से मजबूती से दावेदारी कर रहे हैं. वे क्षेत्र में लगातार सम्मेलनों और बैठकों के जरिए पैठ बना रहे हैं.

सावित्री कठेरिया: 2017 में बीजेपी के टिकट पर जीतकर कमल खिलाने वाली पूर्व विधायक सावित्री कठेरिया भी दोबारा टिकट की दावेदारी में हैं.

सिद्धार्थ शंकर दोहरे / समीर दोहरे: पूर्व कैबिनेट मंत्री गौरी शंकर के बेटे सिद्धार्थ शंकर दोहरे (समीर दोहरे) भी शिक्षित युवा चेहरे के रूप में बीजेपी के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.

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