Aaj Ka UP: उत्तर प्रदेश की तमाम छोटी-बड़ी राजनीतिक और सामाजिक हलचलों को समेटे यूपी Tak का खास शो 'आज का यूपी' राज्य के वर्तमान हालातों का सटीक विश्लेषण पेश करता है. आज के अंक में हम उत्तर प्रदेश की तीन सबसे बड़ी खबरों पर चर्चा करेंगे जो आने वाले समय में राज्य की सियासत और व्यवस्था की दिशा तय कर सकती हैं.
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आज के शो की पहली बड़ी खबर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से है जहां समाजवादी पार्टी की 'भाईचारा रैली' के जरिए अखिलेश यादव गुर्जरों को साधने में जुटे हैं. दूसरी खबर बीजेपी के भीतर मचे घमासान की है जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने अपनी ही सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलकर सबको चौंका दिया है. वहीं तीसरी खबर सीतापुर से है जहां प्रशासन ने आधी रात को बड़ा एक्शन लेते हुए अवैध निर्माण पर पांच बुलडोजर चलाकर एक धार्मिक स्थल को जमींदोज कर दिया.
पश्चिम में अखिलेश का 'गुर्जर कार्ड' और नया सियासी समीकरण
लोकसभा चुनाव 2024 के अनुभवों से सीख लेते हुए समाजवादी पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी रणनीति बदल दी है. अखिलेश यादव अब गुर्जर बिरादरी पर दांव लगा रहे हैं. दादरी में आयोजित विशाल सद्भावना भाईचारा रैली में उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि सपा राजकुमार भाटी और अतुल प्रधान जैसे नेताओं के जरिए इस वर्ग को अपने पाले में लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है. सपा की कोशिश है कि जाट-मुस्लिम समीकरण के साथ-साथ अब गुर्जरों को जोड़कर बीजेपी के किले में सेंध लगाई जा.
संजीव बालियान के बागी तेवर, अपनी ही सरकार और प्रशासन पर बरसे
पश्चिमी यूपी की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया जब अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के मंच से बीजेपी नेता संजीव बालियान का गुस्सा फूट पड़ा. दरअसल, प्रशासन द्वारा कार्यक्रम के पोस्टरों से जाट शब्द हटाने के निर्देश से बालियान बेहद आहत दिखे. उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि वह सिर्फ मेहमान मुख्यमंत्रियों के सम्मान में झुके हैं, वरना किसी की औकात नहीं थी जो उन्हें रोक सके. उनके इस बयान को सीधे तौर पर योगी सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ बगावत के रूप में देखा जा रहा है. बालियान के इन कड़े तेवरों ने बीजेपी के भीतर की अंदरूनी कलह और जाट नेतृत्व की नाराजगी को सार्वजनिक कर दिया है.
सीतापुर में आधी रात का बुलडोजर एक्शन, मस्जिद जमींदोज
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बुलडोजर की गूंज सुनाई दी है. लेकिन इस बार मामला सीतापुर के लहरपुर इलाके का है. प्रशासन के मुताबिक, एक मस्जिद का निर्माण ग्राम समाज की तालाब और कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जा करके किया गया था. कोर्ट के आदेश और कई नोटिस के बावजूद जब निर्माण नहीं हटाया गया तो रात के करीब 2 बजे भारी पुलिस बल के साथ पांच बुलडोजर मौके पर पहुंचे. कुछ ही घंटों में अवैध ढांचे को पूरी तरह ढहा दिया गया. खास बात यह रही कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान कहीं से भी विरोध की खबर सामने नहीं आई.
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